facebookmetapixel
Advertisement
फ्लिपकार्ट मिनट्स की गॉरमे सेगमेंट में एंट्री, प्राइवेट लेबल ‘Pykd’ के साथ बेचेगी प्रीमियम सामान1200% का मोटा डिविडेंड! NBFC सेक्टर की कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट 12 अगस्तझारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर नहीं बनी बात, 15वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलनडीपफेक और AI कंटेंट पर Meta की बढ़ी मुश्किलें, सरकार ने ‘इंटरमीडियरी’ स्टेटस पर उठाए सवालRetirement Planning: पहली सैलरी आए तभी से शुरू कर दें बुढ़ापे की तैयारी, बाद में भारी पड़ सकती है अनदेखीDividend Stocks: शेयर बाजार में 10 से 14 अगस्त तक डिविडेंड की बारिश, 90 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफाE20 विवाद के बीच सरकारी तेल कंपनियों का दावा: ईंधन पूरी तरह सुरक्षित, ना घट रही माइलेज ना हो रहा नुकसानरूसी तेल खरीदने पर 100% टैरिफ, अमेरिकी सीनेट में पास हुआ विधेयक; भारत-चीन को खतराविधानसभा उपचुनावों में 17 सालों से सत्ता पक्ष का रहा है दबदबा, 53% सीटों पर हासिल की जीतबिहार में शराबबंदी से नहीं थमा महिलाओं के खिलाफ अपराध, पर राज्य में बढ़ा अवैध शराब का कारोबार

परमबीर के आरोपों की जांच जरूरी: पवार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 6:47 AM IST

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक सामग्री वाली गाड़ी मिलने के मामले में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों ने उद्धव सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। राजनीतिक भूचाल के चलते गृहमंत्री के इस्तीफे को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह के आरोप गंभीर हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस मामले में निर्णय करेंगे। दिल्ली में संवाददाताओं से बात करते हुए पवार ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के गृह मंत्री पिछले वर्ष पुलिस बल में पुलिस अधिकारी सचिन वाझेे को फिर से बहाल करने के लिए जिम्मेदार हैं।
राकांपा प्रमुख ने कहा कि सिंह के पत्र के बारे में उन्होंने ठाकरे से बात की है। उन्होंने कहा, ‘मैं उद्धव ठाकरे को सुझाव दूंगा कि परमबीर सिंह के दावों पर गौर करने के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी जुलियो रिबेरो का सहयोग लें।’ उन्होंने कहा, ‘हम कल तक देशमुख के संबंध में फैसला लेंगे।’ पवार ने कहा कि सिंह ने उनसे पुलिस विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि सिंह ने अपने स्थानांतरण के बारे में रिपोर्ट की बात करते हुए कहा था कि यह उनके साथ अन्याय होगा। मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर कहा कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को गृहमंत्री का संरक्षण था और वह चाहते थे कि पुलिस अधिकारी बार एवं होटलों से प्रति महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करें।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने गृहमंत्री देशमुख के फौरन इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच तब तक नहीं हो सकती जब तक वह पद पर बने रहेंगे। फ डणवीस ने पवार पर हमला करते हुए कहा, ‘उन्होंने यह ‘महा विकास अघाडी’ की सरकार बनवाई इसलिए उसका बचाव कर रहे हैं। सचिन वाझे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के आदेश पर सेवा में वापस लाया गया था। पवार सच से भाग रहे हैं।’ फ डणवीस ने मुख्यमंत्री ठाकरे पर पुलिस में भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। फ डणवीस ने कहा कि परमबीर सिंह से पहले महाराष्ट्र के डी जी सुबोध जायसवाल ने पुलिस ट्रांसफर में भ्रष्टाचार को लेकर एक रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सौंपी थी लेकिन उन्होंने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की इसलिए जायसवाल को पद से इस्तीफा देना पड़ा।
शिवसेना नेता संजय राउत ने स्वीकार किया कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों और वाझे प्रकरण के कारण राज्य की महा विकास आघाडी सरकार की छवि को नुकसान हुआ है।

Advertisement
First Published - March 21, 2021 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement