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लेह तक जाने के लिए नई सुरंग की योजना

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:31 AM IST

जोजिला सुरंग परियोजना आवंटित होने के तुरंत बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय के साथ लद्दाख क्षेत्र में ऐसी ही एक सभी मौसम में संपर्क योग्य सुरंग बनाने पर चर्चा आरंभ कर दी है। इस बार यह सुरंग हिमाचल प्रदेश में शिंगोला या शिंकुला दर्रे से गुजरेगी।
दोनों विभाग सुरंग बनाने को लेकर अभी शुरुआती चर्चा कर रहे हैं। इस सुरंग से लद्दाख क्षेत्र में परिवहन समय में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आएगी और यह रोहतांग दर्रे के पास अटल सुरंग के नजदीक पहुंचेगी। अटल टनल हिमाचल प्रदेश में मनाली को लेह, लद्दाख और जम्मू कश्मीर से जोड़ती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 95वें जन्म दिवस के अवसर पर दिसंबर में इस सुरंग का नया नामकरण किया गया था। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही इस सुरंग का उद्घाटन करेंगे। प्रस्तावित शिंगो ला सुरंग परियोजना की लागत हाल ही में सौंपे गए जोजिला सुरंग परियोजना के आसपास रहने की उम्मीद जताई जा रही है।   
अगस्त में हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जोजिला सुरंग परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाते हुए इसे हासिल करने में सफल रही थी। उसने परियोजना के लिए 4,509.50 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। लार्सन ऐंड टुब्रो और इरकॉन इंटरनैशनल जेवी इस परियोजना के लिए दो अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां थीं।  
यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जोजिला दर्रा श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर स्थित है और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह बंद हो जाता है।  जून में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरना विकास निगम (एनएचआईडीसीएल) ने परियोजना के लिए नए सिरे से बोली मंगाई थी और 3 महीने के भीतर में सबसे कम बोली लगाने वाले बोलीदाता को परियोजना आवंटित कर दी गई।  जोजिला परियोजना पर अगले महीने से कार्य शुरू हो सकता है। एनएचआईडीसीएल सड़क मंत्रालय की एक इकाई है जिसके पास पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। इसने हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में इसी तरह की कई सुरंग परियोजनाएं आवंटित की है।

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First Published - September 6, 2020 | 11:46 PM IST

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