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पंजाब में घमासान तो नाराज आलाकमान

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:40 AM IST

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नाराज है। हालांकि अभी सिद्धू के त्यागपत्र पर कोई फैसला नहीं हुआ है। कांग्रेस से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘पंजाब में सिद्धू के इस्तीफे के बाद जो नया घटनाक्रम शुरू हुआ है, उससे आलाकमान नाराज है। यह जरूर है कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से सिद्धू के इस्तीफे के संदर्भ में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।’ सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेता और राज्य सरकार के मंत्री परगट सिंह एवं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग मंगलवार से ही सिद्धू के संपर्क में हैंं तथा मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस्तीफा देने के एक दिन बाद चुप्पी तोड़ते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने पुलिस महानिदेशक, राज्य के महाधिवक्ता और दागी नेताओं की नियुक्तियों पर बुधवार को सवाल उठाए। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नाराज सिद्धू से मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता की पेशकश की। चन्नी ने कहा कि पार्टी सर्वाेपरि है और सरकार पार्टी की विचारधारा का अनुसरण करती है। 

उन्होंने कैबिनेट बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने आज टेलीफोन पर सिद्धू साहब से बात की। पार्टी सर्वाेपरि है और सरकार पार्टी की विचारधारा को स्वीकार कर उसका अनुसरण करती है। मैंने उनसे कहा कि आपको आना चाहिए और बैठकर बात करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘प्रदेश अध्यक्ष पार्टी का प्रमुख होता है। प्रमुख को परिवार के बीच बैठना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि सिद्धू मुलाकात करने पर सहमत हुए। सिद्धू द्वारा नियुक्तियों पर सवाल उठाए जाने के मुद्दे पर चन्नी ने बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी सदस्यों के फीडबैक के आधार पर काम किया। 

उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई आपत्ति नहीं है या किसी बात को लेकर कोई अहंकार नहीं है।’ मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि वह निर्णयों की समीक्षा करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमें सहयोगियों और दूसरे लोगों से जो फीडबैक मिला और जिन्हें नियुक्त किया जा सकता था उन्हें हमने नियुक्त किया। लेकिन पंजाब के लोगों की इच्छा के मुताबिक निर्णय किया जाएगा।’ वहीं दूसरी तरफ पंजाब की सत्ताधारी कांग्रेस में मचे घमासान को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक करार देते हुए भाजपा ने कहा कि सीमा से सटा होने के कारण इस संवेदनशील राज्य में राजनीतिक स्थिरता अनिवार्य और महत्त्वपूर्ण है। 

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First Published - September 29, 2021 | 11:23 PM IST

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