facebookmetapixel
Advertisement
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बैंकों को होगा फायदा, Q1 में ट्रेजरी मुनाफा बढ़ने की उम्मीदFiscal Deficit: अप्रैल-मई में सरकार का राजकोषीय घाटा 12 गुना बढ़ा, RBI डिविडेंड के बावजूद बढ़ा दबावRBI FSR: मार्च में बैंकों का एनपीए घटकर 0.4% पर, कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा फंसे कर्ज का दबावअर्थव्यवस्था मजबूत, पर मॉनसून और पश्चिम एशिया संकट से अब भी जोखिमडिबेंचर धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नियमों की होगी समीक्षाSEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्तावCrude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफाकोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारादुबई रियल एस्टेट में सुस्ती के बीच FY27 में डैन्यूब की नजर 4 अरब डॉलर की परियोजनाओं परARAI ने बदला फैसला, ऑटो पीएलआई स्कीम में अब पूरे साल लागू होगी एक ही विनिमय दर

मप्र में ऑक्सीजन आपूर्ति के प्रयास तेज

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 5:27 AM IST

मध्य प्रदेश में कोविड-19 संक्रमित मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन की कमी की खबरें सामने आने के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई है। मु़ख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एक ओर जहां प्रदेश में ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से झारखंड के बोकारो और गुजरात के जामनगर से ऑक्सीजन टैंकर एयरलिफ्ट करके इंदौर, भोपाल और ग्वालियर लाने की सहमति बन चुकी है। यह प्रक्रिया आगामी 1 मई तक भारतीय वायुसेना की उड़ानों के माध्यम से लगातार जारी रहेगी।
इसके अतिरिक्त रेलवे के माध्यम से बोकारो और राउरकेला से भी प्रदेश को ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने बालाघाट, धार, दमोह, जबलपुर, बड़वानी, शहडोल, सतना और मंदसौर में 5.87 करोड़ रुपये की लागत से 570 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑनसाइट ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र विकसित करने के लिए कार्यादेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए 2,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी खरीदे गए हैं।
प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में निरंतर सुधार किया जा रहा है। गत 8 अप्रैल को जहां रोजाना 130 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही थी, वहीं 24 अप्रैल तक यह बढ़कर 441 मीट्रिक टन हो चुकी है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत की खबरें आई हैं। अस्पताल प्रबंधन और प्रदेश सरकार ने इससे इनकार किया लेकिन इसके लिए उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

Advertisement
First Published - April 27, 2021 | 12:22 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement