facebookmetapixel
Advertisement
जुलाई में GST कलेक्शन में जोरदार उछाल, आयात-घरेलू मांग के दम पर ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ाDividend Stocks: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते 98 कंपनियां बांटेगी डिविडेंड, ₹270 तक पाने का मौकाRBI की स्वैप स्कीम से बैंकों ने जुटाए 41 अरब डॉलर के विदेशी फंड, 2 महीने में टूटा 2013 का रिकॉर्ड1991 के सुधारों ने बदली ऑटो सेक्टर की तस्वीर: कैसे मुट्ठी भर कंपनियों से दुनिया का बड़ा हब बना भारत‘यूरिया के दाम स्थिर, DAP पर नजर जरूरी’, FAI अध्यक्ष एस. शंकरसुब्रमण्यन ने बताया फर्टिलाइजर सेक्टर का हालटाटा स्टील का दावा: दूसरी तिमाही में और सुधरेगा प्रदर्शन, एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने बताया पूरा प्लान‘भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सुधार चाहिए’, जंतर-मंतर पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को PM मोदी ने किया माफकमर्शियल LPG सिलेंडर ₹200 से ज्यादा सस्ता, दिल्ली-कोलकाता में घटे दाम; होटल-रेस्तरां को बड़ी राहतब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेड

मंदी में मौज-मस्ती ना बाबा ना

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 7:44 AM IST

वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी संकट का असर मनोरंजन पार्क से जुड़े उद्योगों पर भी साफ देखा जा सकता है।


देश में बीते वर्षो के दौरान आर्थिक तेजी और उसके फलस्वरूप मनोरंजन पार्क से जुड़े उद्योगों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। लेकिन अब उद्योग की विकास दर घटने लगी है।

हालांकि, उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि यह क्षेत्र अभी भी अगले साल 500 करोड़ रुपये से 600 करोड़ रुपये तक का निवेश हासिल कर सकता है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ एमुसमेंट पर्क्स ऐंड इंडस्ट्रीज (आईएएपीआई) के अध्यक्ष अरिजीत सेनगुप्ता ने बताया कि ‘सारी दुनिया वित्तीय संकट का सामना कर रही है,

इसलिए अगले साल छोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन लिए कुछ परियोजनाओं में देरी हो सकती है।’ आईएएपीआई मौज-मस्ती से जुड़े उद्योगों की शीर्ष संस्था है और इसके सदस्यों की संख्या 170 से अधिक है।

Advertisement
First Published - December 7, 2008 | 9:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement