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मुंबई के अस्पतालों में कम न पड़ जाएं बेड

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:52 AM IST

पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेजी आ रही है और मुंबई के निजी अस्पतालों को ऐसा महसूस होने लगा है कि अगर संक्रमण की यही रफ्तार रही तब अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड की कमी हो सकती है। मुंबई में अब रोजाना संक्रमण के करीब 2,500 मामले आ रहे हैं। कोविड अस्पतालों (डीसीएचएस) और कोविड स्वास्थ्य सेवा केंद्र (डीसीसी) के कुल 13,062 बेड में से 6,000 बेड मरीजों के लिए बुक हैं। मुंबई में 17 मार्च तक 1,537 आईसीयू में से करीब 883 में मरीज भर्ती थे।
शहर के एक प्रमुख निजी अस्पताल के प्रबंधनकर्ता ने बताया कि प्रमुख अस्पतालों से यहां भर्ती के लिए भीड़ लगी रहती है। उन्होंने कहा, ‘प्रमुख 8-10 निजी अस्पतालों में बेड की बुकिंग का स्तर अधिक है क्योंकि लोग यहां भर्ती होना पसंद करते हैं। सरकारी अस्पतालों के बेड की तरह ही डीसीएचएस भी अपेक्षाकृत खाली हैं।’ डीसीएचसीए ऑक्सीजन बेड और अन्य चिकित्सा उपकरणों की मदद से बनाया गया अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र हैं।
फ ोर्टिस हॉस्पिटल्स मुंबई के निदेशक (क्रिटिकल केयर) और महाराष्ट्र के कोविड कार्यबल के सदस्य डॉ राहुल पंडित ने बताया कि फोर्टिस में लगभग 90 फीसदी कोविड-19 बेड पहले से ही बुक थे। डॉ पंडित ने कहा कि अगर यही रफ्तार जारी रही तब एक-दो हफ्ते में स्थिति और गंभीर हो जाएगी। दिक्कत की बात यह है कि अब छोटे निजी अस्पतालों ने भी कोविड इलाज के दायरे से बाहर रहने का विकल्प चुना है। एक अस्पताल प्रबंधनकर्ता ने कहा, ‘कई छोटे अस्पतालों जिन्होंने कोविड-19 मरीजों को भर्ती किया था अब उनका जोर उन मरीजों पर है जिन्हें संक्रमण नहीं है क्योंकि यहां आने वाले लोगों की तादाद बढ़ गई है। वे अब इलाज की सीमित दरों के साथ कोविड-19 इलाज में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह से हमारे जैसे बड़े अस्पतालों पर दबाव बढ़ा रहा है।’
मुलुंड के एक निजी नर्सिंग होम के मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘हमने महामारी में तेजी के वक्त अपना पूरा योगदान दिया था। उस समय कोई भी गैर-कोविड मरीजों की भीड़ नहीं थी। इसलिए कोविड-19 मरीजों को अलग रखना और उनका इलाज करना आसान था। अब छोटे ढांचे के साथ ऐसे इलाज करना बेहद मुश्किल है।’ उन्होंने कहा कि जब संक्रमण के मामले कम हो गए तब बीएमसी ने उन्हें गैर-कोविड-19 मरीजों की देखभाल में लगने के लिए कहा था।
बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सभी निजी अस्पतालों को किसी भी वक्त के लिए तैयार रहने को कहा है जिनमें अब व्यापक सुविधाओं वाले केंद्र भी शामिल हैं जो संक्रमण की तादाद कम होने के बाद से काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘अगर बेड भरे नहीं हैं तब इन बड़े केंद्रों को चलाने की आर्थिक रूप से कोई सार्थकता नजर नहीं आती है क्योंकि यहां कर्मचारियों की तादाद भी ज्यादा थी। ऐसे में हमने उन्हें बंद कर दिया था।’
सबसे अच्छी बात यह रही कि ज्यादातर मरीज घर में स्वास्थ्य देखभाल को तरजीह दे रहे हैं। हिंदुजा अस्पताल के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) जॉय चक्रवर्ती ने कहा कि हाल में संक्रमित हुए कुल लोगों में से करीब 25 फ ीसदी अस्पताल में भर्ती होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कोविड के लिए निर्धारित किए गए 85 फ ीसदी बेड, आईसीयू बेड सहित बुक हैं।’ बीएमसी ने नई भर्ती, तेजी से डिस्चार्ज करने को लेकर निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश भेजे हैं और केंद्रीय आपदा प्रबंधन इकाई के जरिये भर्ती के लिए अपने 80 फीसदी कोविड-19 बेड आरक्षित करने के लिए भी कहा है।

पंजाब के नौ जिलों में रात्रि कफ्र्यू दो घंटे बढ़ा
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य के नौ सबसे अधिक प्रभावित जिलों में रात का कफ्र्यू दो घंटे के लिए बढ़ाने की गुरुवार को घोषणा की। सिंह ने कहा कि राज्य में कोरोनावायरस की स्थिति गंभीर है, यदि लोग उपयुक्त आचरण का पालन नहीं करते हैं तो कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की, ‘ईश्वर के लिए, पंजाबियों की जान बचाइए।’
लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला और रूपनगर में रात 11 से सुबह 5 बजे के बजाय अब रात 9 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक कफ्र्यू लगा रहेगा। इन जिलों में रोज कोविड-19 के 100 अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इस घोषणा से पहले बुधवार को राज्य में कोविड-19 के 2,039 नए मामले सामने आए थे और 35 से अधिक मरीजों ने जान गंवायी थी।    
एक दिन में 35,871 नए मामले आए
देश में गुरुवार को कोविड-19 के 35,871 नए मामले दर्ज किए गए जो 100 से अधिक दिनों में एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,14,74,605 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, लगातार आठवें दिन कोरोनावायरस के मामले बढऩे से संक्रमितों की संख्या 2,52,364 पर पहुंच गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.20 प्रतिशत है। सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 96.41 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, 172 और कोविड-19 से लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,59,216 हो गई है। एक दिन में संक्रमण के 35,871 मामले 102 दिन में संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं। 6 दिसंबर को संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आए थे। इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,10,63,025 हो गई है जबकि मृतकों की दर 1.39 प्रतिशत है।  भाषा

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First Published - March 19, 2021 | 12:02 AM IST

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