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मालदा जिले में बर्ड फ्लू का खतरा

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:41 PM IST


यहां के नैशनल पोल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों के दौरान करीब 700 मुर्गेमुर्गियों की जान गई है। इस वजह से जिले में एक बार फिर बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पिछले 24 घंटों केदौरान करीब 145 मुर्गेमुर्गियों की जान गई है और संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।


राज्य में पहली बार फार्म चिकन की मौत बर्ड फ्लू की वजह से हो रही है। इससे पहले यह महामारी बैकयार्ड पोल्ट्री में फैली थी। सूत्रों ने बताया कि ब्लड सैंपल भोपाल स्थित एनिमल डिजीज लैबरेटरी में भेज दिया गया है, पर वहां से रिपोर्ट आने में कम से कम 14 दिन लगेंगे। सूत्रों ने कहा कि फिलहाल फार्म से चिकन और अंडे की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है। सूत्रों ने बताया कि इस फार्म में करीब 15 हजार चिकन है।


इससे पहले 13 मार्च को जिले के एक गांव के एक पोल्ट्री फॉर्म में कम से कम 45 मुर्गे की जान चली गई थी। मुर्शिदाबाद जिले में इस बीमारी के पैर पसारे जाने की खबर थी और फिर वहां मुर्गेमुर्गियों को मारने का काम शुरू कर दिया गया था। इससे पहले 9 मार्च को मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज गांव से भी अधिकारियों ने ब्लड सैंपल इकट्ठा किया था और उसे जांच के लिए भोपाल भेजा था। जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के चलते मुर्गेमुर्गियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।


एकडेढ़ महीने पहले भी राज्य में बर्ड फ्लू ने अपने पांव पसार लिए थे और इसके बाद वहां हजारों मुर्गों को मार डाला गया था।सरकार ने हाल ही में पोल्ट्री इंडस्ट्री से प्रतिबंध हटाया था। मुर्गों को मारने का काम जनवरी के मध्य में शुरू किया गया था, जब खबर मिली कि राज्य के 19 में से 16 जिले बर्ड फ्लू से प्रभावित हैं।

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First Published - March 18, 2008 | 11:28 PM IST

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