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दीवाली पर खराब हुई हवा, इस बार कम

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:12 PM IST

दिल्ली में इस दीवाली में भी प्रदूषण की मार पड़ी है और प्रदूषण स्तर बहुत खराब श्रेणी में रहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि प्रदूषण का स्तर पिछली दीवाली से कम रहा। दीवाली के अगले दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक बीते पांच साल के दौरान सबसे कम रहा। दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आज से 150 मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन चलाने की शुरुआत कर दी है। इस बीच बीते डेढ़ माह के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। 
दीवाली पर इस बार आग लगने की घटनाएं ज्यादा हुईं। जानकारों के मुताबिक इस साल दीवाली पर पिछले साल की तुलना में कम पटाखे चलने के साथ हवा चलने के कारण प्रदूषण स्तर में कमी आई है। हालांकि आतिशबाजी पर प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली के कई हिस्सों में लोगों ने पटाखे चलाए, लेकिन पिछले दो वर्षों की तुलना में इसकी तीव्रता कम दिखाई दी।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस साल दीवाली की अगली सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बीते पांच साल में सबसे कम रहा है। पिछली दीवाली की तुलना में इस सूचकांक में करीब 30 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में इस साल दीवाली की अगली सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 323 दर्ज किया गया। वर्ष 2021 में दीवाली की अगली यह सूचकांक 462, वर्ष 2020 में 435, 2019 में 367 और वर्ष 2018 में 390 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का एक्यूआई दोपहर 12:30 बजे 317 था।
पडोसी शहरों में इस समय गाजियाबाद का यह सूचकांक 270, नोएडा का 305, गुरुग्राम का 307 और फरीदाबाद का 305 था। पड़ोसी शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बहुत खराब श्रेणी के दायरे में रहे हैं। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ तथा 401 और 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
सीपीसीबी के मुताबिक सोमवार को दीवाली पर दिल्ली का एक्यूआई 4 साल में सबसे अच्छा था और इस त्योहार की तारीख के लिए सात साल में दूसरा सबसे अच्छा था। हवा की गुणवत्ता रात में गिर गई जब राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पाबंदी के बावजूद पटाखे चलाए गए। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी ऐंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार आधी रात को दिल्ली का एक्यूआई 365 के साथ बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। दिल्ली में पिछली दीवाली पर एक्यूआई 382 दर्ज किया गया था, जो ‘गंभीर’ से कुछ ही कम था। 
मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन रोकेंगी धूल प्रदूषण
दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ने वाले खासकर धूल प्रदूषण को कम करने के लिए मंगलवार  से मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन चलाने की शुरुआत की है। पर्यावरण मंत्री राय ने बताया कि पिछले साल सर्दियों में धूल प्रदूषण को रोकने के लिए 10 मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन चलाए गए थे। जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसलिए दिल्ली सरकार ने इस साल सभी 70 विधानसभाओं में ये गन चलाने का निर्णय लिया है और दिल्ली में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 150 मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन की शुरुआत की गई है। ये मोबाइल ऐंटी स्मॉग गन पानी का छिड़काव कर धूल प्रदूषण के कारण बढ़ने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे। 
पराली जलने की घटनाओं में आई कमी
इस बार पराली जलने की घटनाओं में कमी देखी जा रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा धान के अवशेष जलाने की घटनाओं की वास्तविक समय की निगरानी के अनुसार धान उगाने वाले छह राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में 15 सितंबर से 25 अक्टूबर के बीच 7,842 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं। पिछले साल इसी अवधि के दौरान 8,762 पराली जलने के मामले दर्ज किए गए थे। 
इस दीवाली 32 प्रतिशत बढ़ी आग की दुर्घटनाएं
दिल्ली में इस दीवाली पर आग लगने की घटनाएं पिछली दीवाली से अधिक दर्ज की गईं। दिल्ली अग्निशमन विभाग को दीवाली के अवसर पर आग लगने की घटनाओं से संबंधित 201 कॉल मिलीं, जो पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक हैं। 

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First Published - October 25, 2022 | 11:27 PM IST

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