Editorial: डिजिटल भुगतान बढ़ा, फिर भी क्यों कायम है नकदी का आकर्षण?
नकद लेनदेन के कई फायदे हैं। एक तो निपटान तुरंत हो जाता है और दूसरा लेनदेन की कोई लागत नहीं होती। इसके अलावा नकद लेनदेन गोपनीय भी बने रहते हैं। डिजिटल लेनदेन अपने पीछे एक निशान छोड़ते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका पता लगाया जा सकता है। ऐसी तमाम वजह हैं जिनके चलते लोग […]
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आर्थिक समृद्धि के लिए सही नीतियों से ज्यादा जरूरी है सक्षम नेतृत्व
आर्थिक समृद्धि का रास्ता क्या है? इसके आदर्श जवाब में विभिन्न मॉडल, नीतियां और योजनाएं आदि शामिल होती हैं। परंतु यह निष्कर्ष निकालना कि सही नीतियां और मॉडल खुदबखुद समृद्धि ले आएंगे, ऐसा ही है जैसे ‘यह मानना कि अगर अंडों, चीनी और आटे को रात भर मिलाकर छोड़ दिया जाए तो वह खुद केक […]
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भारत के छोटे कारोबार को फलने-फूलने के लिए थोड़ी कानूनी जगह दें
भारत के डीएनए में मैकाले अलग-अलग तरह से नजर आते हैं। वह केवल भाषा में ही नहीं दिखते बल्कि भारत जिस तरह खुद के लिए ‘आधुनिक’ दृष्टि की रचना करना चाह रहा है, उसमें भी इसे देखा जा सकता है। औपनिवेशिक भारत में जब ब्रिटिशों ने शहरों को डिजाइन किया तो उनका प्राथमिक लक्ष्य था […]
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Editorial: भारत को कम-कौशल प्रवासन से कुशल वैश्विक श्रमबल की ओर बढ़ना होगा
भारत दुनिया की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और यहां के करीब 1.85 करोड़ लोग विदेश में रहते हैं। इतना ही नहीं भारत विदेश से वापस धनप्रेषण यानी रेमिटेंस हासिल करने वाला सबसे बड़ा देश भी है। यह इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि वैश्विक श्रम की मांग को पूरा करने […]
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