आपका पैसा

महंगे शौक पर सोच-समझ कर खर्च करें पैसा, एक्सपर्ट से समझें स्ट्रैटेजी…नहीं होगा नुकसान

Money Management Tips: महंगे शौक और गैजेट्स पर बिना योजना खर्च करना आपकी वित्तीय सुरक्षा और मानसिक शांति को खतरे में डाल सकता है।

Published by
मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- December 08, 2025 | 1:56 PM IST

आज के दौर में महंगे गैजेट्स और शौक बहुत आकर्षक लगते हैं, लेकिन बिना योजना खर्च करना आपकी वित्तीय सेहत के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। अगर आपकी सैलरी सीमित है और परिवार के खर्च ज्यादा हैं, तो फाइनेंस एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जरूरी खर्च, इमरजेंसी फंड और निवेश को प्राथमिकता दें। महंगी खरीदारी और लगातार EMI में फंसना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है और भविष्य में आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। इस लेख में जानिए कैसे आप अपने शौक और खर्चों को संतुलित करके लंबे समय तक सुरक्षित वित्तीय जीवन सुनिश्चित कर सकते हैं।

Moneyfront के को-फाउंडर और CEO, मोहित गैंग के अनुसार, अगर आपकी सैलरी सीमित है और परिवार खर्च अधिक है, तो महंगी खरीदारी जोखिमपूर्ण है। उन्होंने कुछ आसान और व्यवहारिक टिप्स दिए हैं:

  1. जरूरी खर्च पहले: खाने-पीने, शिक्षा, घर और स्वास्थ्य जैसी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें।

  2. आपातकालीन फंड बनाएं: अपने छह महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार करें। इससे अचानक खर्च होने पर निवेश को छेड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  3. शौक और गैजेट्स पर सीमित खर्च: केवल तब महंगे शौक या गैजेट्स पर 5-10% आय खर्च करें जब जरूरी खर्च, इमरजेंसी फंड और निवेश पूरा हो।

  4. 5-3-2 नियम अपनाएं: अपनी मंथली इनकम का 50% जरूरतों, 30% निवेश और 20% इच्छाओं पर खर्च करें।

  5. EMI का दुरुपयोग न करें: हर चीज के लिए EMI लेने से आपकी आय का बड़ा हिस्सा लॉक हो जाता है और निवेश या आपातकालीन खर्चों के लिए जगह नहीं बचती। यह मानसिक तनाव और चिंता भी बढ़ाता है।

एक्सपर्ट सुनिल पंत के अनुसार, हमेशा यह ध्यान रखें – “Cut your coat according to your cloth”, यानी अपनी क्षमता और आय के अनुसार ही खर्च करें।

हाल ही में दिल्ली में एक उदाहरण सामने आया है। एक कर्मचारी जिसकी मासिक सैलरी 26,000 रुपये थी, उसने 70,000 रुपये का iPhone खरीदा। उसने इसके लिए कंपनी से एक महीने की एडवांस सैलरी ली, 14,000 रुपये नकद भरे और 30,000 रुपये की फाइनेंसिंग पर लिया, जिसकी EMI 3,000 रुपये प्रति माह थी। यह कर्मचारी घर में अपनी पत्नी और तीन बच्चों का पालन-पोषण भी करता है।

यह कहानी बताती है कि अत्यधिक महंगी खरीदारी कैसे वित्तीय दबाव और मानसिक तनाव पैदा कर सकती है। इसलिए महंगे शौक और गैजेट्स पर बिना योजना खर्च करने से आपकी वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। जरूरी खर्च, इमरजेंसी फंड और निवेश पहले करें। केवल बची हुई राशि पर अपने शौक पूरे करें।

First Published : December 8, 2025 | 1:35 PM IST