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वैश्विक मानकों से नहीं जुड़ा है टी+1 सेटलमेंट

Last Updated- December 14, 2022 | 9:31 PM IST

एशिया सिक्योरिटीज इंडस्ट्री ऐंड फाइनैंंशियल मार्केट्स एसोसिएशन (एएसआईएफएमए) ने बाजार नियामक सेबी को एक और पत्र लिखकर कहा है कि अगर निपटान का चक्र टी+1 किया जाता है तो विदेशी निवेशकों को परिचालन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उद्योग निकाय ने दोहराया है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए प्रतिभूति निपटान का काम परिचालन के लिहाज से जटिल है, जिसमें अलग-अलग टाइम जोन के बाजार प्रतिभागियों के काफी सहयोग की दरकार होती है। निकाय ने कहा है, चूंकि यूरोप व अमेरिका में काम के घंटों का जुड़ाव एपीएसी मार्केट्स के साथ नहीं है, लिहाजा मौजूदा टी+2 निपटान का चक्र पहले ही टी+1 के तौर पर प्रभावी है। नियामक को लिखे पत्र में कहा गया है, अमेरिका या यूरोप के कस्टोडियन अक्सर ऐसी समयसीमा तय करते हैं जो सेटलमेंट डेट होता है। निवेशकों को अपने लेनदेन के लिए फंड की व्यवस्था करनी होती है और ट्रेड सेटल होने के एक दिन पहले प्री-सेटलमेंट मैचिंग करनी होती है।  

First Published - November 7, 2020 | 12:59 AM IST

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