डेटा एग्रिगेटर और ऑनलाइन पोर्टल पीएमएस बाजार द्वारा कराए गए एक अध्ययन से पता चला है कि ज्यादा संख्या में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) ने एक, दो, तीन, पांच और 10 साल की अवधियों के दौरान म्युचुअल फंडों के मुकाबले अपने संबद्घ बेंचमार्कों को मात दी।
अध्ययन में दोनों श्रेणियों के लिए विभिन्न अवधियों और सूचकांक के कुल प्रतिफल को शामिल किया गया है। पीएमएस के लिए, एक साल वाली 133 योजनाओं, तीन साल के लिए 81 योजनाओंं, पांच साल के लिए 49 और 10 साल की अवधि के लिए 25 योजनाओंं पर शुल्क-बाद प्रतिफल को शामिल किया गया है। म्युचुअल फंडों के प्रदर्शन का आंकड़ा मुहैया कराने वाले संगठन एम्फी के आंकड़े के आधार पर संबद्घ अवधि के लिए एमएफ के लिए, 401, 294, 253, और 201 योजनाओं को शामिल किया गया है।
133 पीएमएस योजनाओं में से 91 या 68.4 फीसदी ने पिछले एक साल में अपने संबद्घ बेंंचमार्क को मात दी। तुलनात्मक तौर पर, शामिल किए गए 401 म्युचुअल फंडों में से 53 ने अपने संबद्घ बेंचमार्क सूचकांकों को मात दी। यह उस अवधि में हुआ जब कई बेंचमार्क सूचकांकों में कोविड-19 महामारी की वजह से दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई। करीब एक-तिहाई (35 फीसदी) पीएमएस योजनाओं ने तीन साल की अवधि में अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि एमएफ के मामले में लगभग 25.5 फीसदी योजनाओं ने ऐसा प्रदर्शन किया।
ऑनलाइन पोर्टल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘पिछले तीन वर्षों के दौरान शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी हद तक केंद्रित रहा, और यदि प्रबंधकों ने क्लोज-टु-इंडेक्स स्ट्रेटेजी पर अमल किया तो उनकी प्रशंसा करना आम है।’
पांच साल की अवधि में 41 पीएमएस योजनाओं में से करीब 41 फीसदी ने अपने बेंचमार्क को मात दी जबकि 253 एमएफ योजनाओं के लिए यह करीब 29 फीसदी रहा। पीएमएस योजनाओं का प्रदर्शन 10 साल की अवधि में सबसे अच्छा रहा और 25 योजनाओं में से 84 फीसदी ने अपने बेंचमार्क को मात दी, जबकि 201 एमएफ योजनाओं के संदर्भ में यह फीसदी 46 रहा।