वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच घरेलू शेयर बाजार लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट के दौर से शुक्रवार को उबर गए। प्रमुख शेयरों में खरीदारी आने से सेंसेक्स 496 अंक उछल गया जबकि निफ्टी 21,600 के स्तर से ऊपर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 496.37 अंक यानी 0.70 फीसदी उछलकर 71,683.23 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 708.78 अंक तक बढ़कर 71,895.64 पर भी पहुंच गया था।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 160.15 अंक यानी 0.75 फीसदी चढ़कर 21,622.40 अंक पर बंद हुआ। इस तेजी ने स्थानीय बाजारों को पिछले तीन दिनों से जारी बिकवाली से उबरने में मदद की। गिरावट के इस दौर में सेंसेक्स में 2.91 फीसदी और निफ्टी में 2.87 फीसदी तक की गिरावट आ गई थी।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, निचले भाव पर खरीदारी और उत्साहजनक वैश्विक संकेतों ने बाजार को गिरावट से उबरने में मदद की। हालांकि निवेशक अभी निराश हैं और तेजी में नरमी आने की उम्मीद कर रहे हैं।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से भारती एयरटेल, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, ऐक्सिस बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और लार्सन ऐंड टुब्रो प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।
दूसरी तरफ इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में गिरावट का रुख रहा। इस तरह एचडीएफसी बैंक के शेयर में लगातार चौथे सत्र में गिरावट रही। शुक्रवार को भी इसमें 1.08 फीसदी की गिरावट आई।
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक का शेयर अपेक्षाकृत कमजोर तिमाही नतीजे आने के बाद करीब 10 फीसदी तक लुढ़क चुका है। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में इस सप्ताह 885.22 अंक यानी 1.21 फीसदी की गिरावट रही जबकि निफ्टी ने 272.15 अंक यानी 1.24 फीसदी का नुकसान झेला।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, मजबूत वैश्विक संकेतों ने निफ्टी में आई हालिया गिरावट थामने में मदद की। कारोबार के अंत तक एक दायरे में ही गतिविधियां केंद्रित रहीं।
अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीएसई मिडकैप सूचकांक ने 1.69 फीसदी की छलांग लगाई जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 1.06 फीसदी की तेजी रही। बाजार के सभी खंडों के सूचकांकों में बढ़त रही। तेल एवं गैस खंड में सर्वाधिक 2.17 फीसदी की तेजी देखी गई जबकि धातु खंड में 1.69 फीसदी की बढ़त
दर्ज की गई।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्केई बढ़त लेने में सफल रहे जबकि चीन का शांघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग गिरकर बंद हुए। यूरोप के ज्यादातर बाजार बढ़त पर कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.63 फीसदी चढ़कर 79.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 9,901.56 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।