Stock Market Closing Bell, 7 November 2025: भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (7 नवंबर) को बड़ी गिरावट के साथ काफी हद तक रिकवर होने के बाद लाल निशान में लगभग सपाट बंद हुए। आईटी, एमएफसीजी और फार्मा शेयरों में बिकवाली के बीच फाइनेंशियल और मेटल शेयरों में खरीदारी से बाजार को कुछ सपाट मिला। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार गिरकर बंद हुआ।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 83,150 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 82,670 अंक तक गिर गया था। अंत में यह 94.73 अंक या 0.11 फीसदी की गिरावट लेकर 83,216.28 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,433 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,318 अंक के निचले और 25,551.25 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में यह 17.40 अंक या 0.07 फीसदी की गिरावट लेकर 25,492 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”घरेलू शेयर बाजारों ने दिन के निचले स्तरों से अच्छी वापसी की। निफ्टी और सेंसेक्स ने अपने अधिकांश इंट्राडे नुकसान की भरपाई कर ली। शॉर्ट टर्म व्यापारियों ने सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन मंदी के दांवों को टाल दिया। बाजार सहभागियों को मेटल, फाइनेंशियल और ऑटो शेयरों में शॉर्ट पोजीशन खत्म करते देखा गया, क्योंकि हालिया गिरावट ने लगातार कमजोर सत्रों के बाद सौदेबाज़ी करने वालों को अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों की ओर आकर्षित किया।”
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में रहे। दूसरी तरफ, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा लाभ में रहने वाले शेयरों में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह 0.72 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.62 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.49 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। दूसरी तरफ, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक 2.18 फीसदी, निफ्टी मेटल 1.41 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.87 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।
ब्रोडर मार्केट में बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में मिलाजुला रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स (Nifty Midcap Index) 0.63 फीसदी चढ़कर जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.16 फीसदी गिरकर बंद हुआ।
एशिया-प्रशांत के बाजारों में शुक्रवार सुबह गिरावट देखने को मिली। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 1.38% गिरा, दक्षिण कोरिया का Kospi 0.46% नीचे आया और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.27% टूट गया। यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार (वॉल स्ट्रीट) में भी कल नुकसान हुआ था। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के शेयर बहुत महंगे हो गए हैं — इस बात से निवेशकों में चिंता बढ़ी है।अमेरिकी बाजार क्यों लुढ़के?
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक इस समय सतर्क हैं क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है और कई शेयरों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। S&P 500 1.12% गिरा, Nasdaq 1.90% टूटा और Dow Jones 0.84% नीचे बंद हुआ। इसका मतलब है कि फिलहाल निवेशकों में जोखिम लेने की इच्छा कम हो गई है और वे सुरक्षित निवेश की ओर झुक रहे हैं।
6 नवंबर, गुरुवार को विदेशी निवेशकों (FII) ने ₹3,605.66 करोड़ के शेयर बेच दिए। वहीं, घरेलू निवेशकों (DII) ने ₹4,814.78 करोड़ के शेयर खरीदे। इसका मतलब है कि जब विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, तब भारतीय निवेशक खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।