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Closing Bell: हफ्ते के आखिरी दिन बाजार धड़ाम! सेंसेक्स 721 अंक लुढ़का; ये 3 कारण बनें गिरावट की वजह

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Stock Market Today: तिमाही नतीजों के बाद चुनिंदा शेयरों में गिरावट से भी बाजार नीचे आया। साथ ही निवेशक ब्रिटेन के साथ हुए नए व्यापार समझौते की समीक्षा कर रहे हैं।

Last Updated- July 25, 2025 | 4:10 PM IST
Stock market
Representative Image

Stock Market Closing Bell, July 25: वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के लास्ट ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (24 जुलाई) को गिरावट में बंद हुए। 1 अगस्त की समय सीमा से पहले संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अनिश्चितता के कारण बाजार की धारणा पर असर पड़ा। वहीं, तिमाही नतीजों के बाद चुनिंदा शेयरों में गिरावट से भी बाजार नीचे आया। साथ ही निवेशक ब्रिटेन के साथ हुए नए व्यापार समझौते की समीक्षा कर रहे हैं।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) इंडेक्स 366 अंक या 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,818 पर ओपन हुआ। बाद में इंडेक्स में गिरावट गहरा गई। अंत में यह 721.08 अंक या 0.88% की गिरावट लेकर 81,463.09 पर बंद हुआ।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) इंडेक्स 116 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,000 अंक से नीचे 24,946 पर खुला। अंत में यह 225 अंक या 0.90 प्रतिशत गिरकर 24,837 पर बंद हुआ। इसी के साथ यह 25,000 के सपोर्टिंग लेवल से नीचे आ गया।

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, ट्रेंड, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, टाटा स्टील, मारुति, अदाणी पोर्ट्स, एसबीआई, एचडीएल टेक, एलएंडटी और हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ सन फार्मा और भारती एयरटेल बढ़त में रहने में कामयाब रहे। ब्रोडर मार्केटस में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.61 प्रतिशत गिरा और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.1 प्रतिशत नीचे आया।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फार्मा (0.54 प्रतिशत की बढ़त) को छोड़कर सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई। निफ्टी ऑटो 1.27 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.42 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.64 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.99 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.91 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

Stock Market: शुक्रवार को गिरावट की वजह?

-इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर अनिश्चितता

भारत ने ब्रिटेन के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि, बाजार का ध्यान पूरी तरह से भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड समझौते पर केंद्रित है। फ़िलहाल, अटकलें जारी हैं। लेकिन 1 अगस्त की टैरिफ़ समयसीमा से पहले अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इससे बाजार के सेंटीमेंट्स पर असर पड़ रहा है।

ट्रंप टैरिफ की अब समय सीमा सिर्फ़ एक हफ़्ते दूर है। ऐसे में निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बाज़ार एक ऐसे समझौते का इंतज़ार कर रहा है जो 26 प्रतिशत टैरिफ़ की बढ़ती दरों को टालने में मदद कर सके। किसी भी तरह की देरी या स्पष्टता की कमी बाज़ार में निकट भविष्य में अस्थिरता पैदा कर सकती है।

-IT और FMCG शेयरों में गिरावट

प्रमुख कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों के बाद आईटी सेक्टर ने पहले ही बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया था। वहीं एफएमसीजी सेक्टर ने दबाव और बढ़ा दिया। उद्योग की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया ने निवेशकों को निराश करते हुए अपने मुनाफे में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। यह पिछले साल के ₹746.6 करोड़ से घटकर ₹646.6 करोड़ रह गया। ब्रोडर निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54,645 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। नेस्ले इंडिया के शेयर 1.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,277 पर बंद हुए।

-FIIs की बिकवाली

विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में नेट बिकवाली जारी रखे हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सुस्त आय की तुलना में, जुलाई में लगातार चार महीनों की शुद्ध खरीदारी से बिकवाली की ओर इस बदलाव के लिए ज़्यादातर मूल्यांकन ज़िम्मेदार हैं। भारतीय बाजार वर्तमान में अपने समकक्ष बाजारों की तुलना में प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे अल्पावधि में ये कम आकर्षक हो रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि स्मॉलकैप सेगमेंट में बिकवाली ज़्यादा रही है, जहाँ मूल्यांकन एक बार फिर ऊँचा हो गया है। डी-स्ट्रीट के खिलाड़ियों को उम्मीद है कि यह रुझान निकट भविष्य में भी जारी रहेगा।

ग्लोबल मार्केट्स का क्या हाल

एशियाई बाजारों में शुक्रवार को गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 0.55% टूटा और टोपिक्स इंडेक्स 0.73% गिरा। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी 0.51% फिसला। हालांकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.14% चढ़ा। अमेरिका में बीते हफ्ते जॉबलेस क्लेम्स 4,000 की गिरावट के साथ 2.17 लाख पर आ गए, जबकि अनुमान 2.27 लाख का था। यह लगातार छठा हफ्ता है जब बेरोजगारी दावा घटा है। हालांकि, जारी बेरोजगारी दावे बढ़कर 19.55 लाख पर पहुंच गए, जो नवंबर 2021 के बाद दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है।

इस बीच, जुलाई में S&P Global US Composite PMI 54.6 पर पहुंच गया, जो जून में 52.9 था। यह इस साल अब तक का सबसे मजबूत विस्तार है। सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि और मैन्युफैक्चरिंग में हल्का सुधार देखा गया।

वाल स्ट्रीट पर S&P 500 और Nasdaq ने नए रिकॉर्ड बनाए। S&P 500 0.07% बढ़कर 6,363.35 पर बंद हुआ और Nasdaq 0.18% चढ़कर 21,057.96 पर पहुंच गया। वहीं Dow Jones 0.7% की गिरावट के साथ 44,693.91 पर बंद हुआ।

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First Published - July 25, 2025 | 7:41 AM IST

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