facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाकर 70% की, मुख्य उद्योगों को प्राथमिकता देने के निर्देशरुपया 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर की मजबूती और एफआईआई बिकवाली से बढ़ा दबावसरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पर एक्साइज 13 से घटाकर 3 रुपये, डीजल पर टैक्स पूरी तरह खत्मप्रशिक्षु योजना में बीच में छोड़ने वालों की संख्या 5 साल में 15 गुना बढ़ी, सरकार के लिए चिंता7 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला जेवर एयरपोर्ट तैयार, मोदी शनिवार को करेंगे उद्घाटनसरकार ने 4% महंगाई लक्ष्य बरकरार रखा, सीपीआई श्रृंखला में निरंतरता का संकेतभारत में नया ‘केजीएफ’ दौर, करीब 80 साल बाद नई सोने की खान से उत्पादन हो रहा शुरूपश्चिम एशिया संकट का कारोबार पर सीमित असर: टीवीएस सप्लाई चेनएमटीआई ने यूरोप में दी दस्तक, डच मोबिलिटी कंपनी ऑटोमिकल का अधिग्रहणनोकिया ने भारत में नेतृत्व ढांचा बदला, समर मित्तल और विभा मेहरा को नई जिम्मेदारी

Closing Bell: फेड फैसले से पहले बाजार कमजोर, सेंसेक्स 275 अंक फिसला; निफ्टी 25,758 पर बंद

Advertisement

Stock Market Closing: निवेशकों ने अमेरकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाया।

Last Updated- December 10, 2025 | 3:54 PM IST
Stock Market Today
Representative Image

Stock Market Closing Bell, December 10: वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (10 दिसंबर) को सपाट रुख के साथ खुले। हालांकि, खुलने के कुछ ही देर में बाजार में थोड़ी बहुत खरीदारी देखने को मिली। लेकिन कारोबार के आगे बढ़ने के साथ बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स लाल निशान में फिसल गए। निवेशकों ने अमेरकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाया। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार भी 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है, जैसा कि सितंबर और अक्टूबर में किया गया था।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 84,607 अंक पर लगभग सपाट खुला। खुलते ही यह हरे निशान में ट्रेड करते दिखा। हालांकि, दोपहर के कारोबार में यह लाल निशान में फिसल गया। अंत में यह 275.01 अंक या 0.32 प्रतिशत की गिरावट लेकर 84,391.27 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (निफ्टी-50) 25,864 अंक पर फ्लैट खुला। उतार-चढ़ाव के बीच यह लाल निशान में फिसल गया। अंत में 81.65 अंक या 0.32 फीसदी गिरकर 25,758 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”जापान के बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बैंक ऑफ जापान के मौद्रिक सख्ती के संकेतों के चलते वैश्विक इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रहा। इससे उभरते बाजारों में जोखिम से बचने की ट्रेंड बढ़ा है। अब बाजार की नजरें अमेरिकी फेड बैठक पर हैं। फेड के 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की उम्मीद है। हालांकि, फेड के भीतर मतभेद और मिलेजुले आर्थिक संकेतक 2026 में आगे होने वाली संभावित दर कटौतियों के अनुमानों को सीमित कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा, ”वैश्विक बाजारों की तरह भारतीय बाजारों ने भी सतर्कता का रुख अपनाया। इसे विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता ने और दबाव में रखा। शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा केंद्रीय बैंक के संकेतों और ट्रेड डील पर स्पष्टता से तय होगी।”

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल, ट्रेंट लिमिटेड, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, अल्ट्रा सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, टाटा स्टील, सन फार्मा और आईटीसी प्रमुख रूप से बढ़त में रहने वाले शेयरों में रहे।

बाजार में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसमें 1.72 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद आईटी (0.89 प्रतिशत) और पीएसयू बैंक (0.70 प्रतिशत) का नंबर रहा। वहीं, निफ्टी मेटल और मीडिया इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त में रहने वाले इंडेक्स रहे।

Global Markets

अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को स्थिर रहे। वॉल स्ट्रीट यह जानने का इन्तजार कर रहा है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को ब्याज दरों की दिशा को लेकर क्या संकेत देगा। S&P 500 इंडेक्स 0.1 प्रतिशत फिसला और अक्टूबर में बने अपने ऑल टाइम हाई के करीब बना रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 179 अंक, या 0.4 प्रतिशत गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोज़िट 0.1 प्रतिशत बढ़ा।

एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई ऊंची शुरुआत करने के बाद जल्द ही 0.5 फीसदी गिर गया। जबकि दक्षिण कोरिया का बाजार 0.4 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों के MSCI के ब्रोडर इंडेक्स में 0.1 फीसदी की मामूली गिरावट आई। मिलेजुले मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद चीन के ब्लू-चिप शेयर 0.8 फीसदी टूट गए।

Advertisement
First Published - December 10, 2025 | 7:42 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement