facebookmetapixel
SME शेयर मामले में 26 लोगों पर सेबी की पाबंदी, ₹1.85 करोड़ का जुर्माना लगायाRupee vs Dollar: कंपनियों की डॉलर मांग से रुपये में कमजोरी, 89.97 प्रति डॉलर पर बंदGold-Silver Price: 2026 में सोने की मजबूत शुरुआत, रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी फिसलीतंबाकू कंपनियों पर नए टैक्स की चोट, आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावटम्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट

गैर सूचीबद्ध शेयरों की मंजूरी प्रक्रिया होगी सरल, IPO लाने के लिए करना होगा कम इंतजार

Last Updated- May 29, 2023 | 11:16 PM IST
NSE made great earnings, profits improved

अपना IPO लाने के लिए अब भी मंजूरी का इंतजार कर रहे नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने अब कंपनी के गैर-सूचीबद्ध शेयरों की खरीदारी प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर दिया है। इससे ऐसे सौदों में लगने वाला करीब चार महीने का समय घटकर महज एक सप्ताह रह जाएगा।

भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंधन ने इसकी पु​ष्टि की है कि वह इस प्रक्रिया में लगने वाला समय घटाने की दिशा में काम कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा समय में शेयर खरीदने के लिए NSE से कुछ मंजूरियां लेने की जरूरत होती है।

तिमाही नतीजों के बाद विश्लेषकों से बात करते हुए एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्या​धिकारी (CEO) आ​शिष कुमार चौहान ने कहा, ‘कुछ नियामकीय शर्तें हैं। हमने अब इस प्रक्रिया को आसान बनाया है और इसमें तेजी आएगी। यह मंजूरी प्रक्रिया एक सप्ताह से भी कम समय में पूरी की जाएगी।’चौहान ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर एनएसई की मंजूरी मिलने में कोई समस्या आती है तो निवेशक या विश्लेषक इसके समाधान के लिए एक्सचेंज को सूचित कर सकते हैं।

Also read: IPO में तेजी से बढ़ेगी छोटे निवेशकों की दिलचस्पी

हालांकि गैर-सूचीबद्ध शेयरों से जुड़े उद्योग के कारोबारियों को अगले तीन महीने से पहले नई समय-सीमा प्रभावी होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। उन्हें मांग बढ़ने और एक्सचेंज के शेयरों के लिए लॉट आकार घटने का अनुमान है।

अपलिस्टेड ऐसेट्स के सह-संस्थापक मनीष खन्ना ने कहा, ‘यदि गैर-सूचीबद्ध शेयरों के स्थानांतरण का समय घटकर एक सप्ताह रह जाता है तो इससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी, ब्रोकरेज कीमत अंतर और लॉट आकार घटेगा, तथा कारोबार बढ़ जाएगा।’कारोबारियों के अनुसार, एक्सचेंज ऐसे स्थानांतरण के लिए जरूरी केवाईसी प्रक्रिया में लगने वाला समय घटाने पर भी काम कर रहा है।

First Published - May 29, 2023 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट