शेयर बाजार

Market Closing: रिकॉर्ड हाई के करीब शेयर बाजार, सेंसेक्स 446 अंक चढ़ा; निफ्टी 26192 पर बंद

Market Closing: कंपनियों के नतीजे अच्छे रहने के अनुमान और विदेशी निवेश में फिर से तेजी से बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- November 20, 2025 | 3:53 PM IST

Stock Market Closing Bell, November 20, 2025: वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (20 नवंबर) को बढ़त के साथ रिकॉर्ड हाई के करीब बंद हुए। कंपनियों के नतीजे अच्छे रहने के अनुमान और विदेशी निवेश में फिर से तेजी से बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। साथ ही इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तेजी ने भी बाजार को ऊपर की तरफ खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 85,470 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 85,801 अंक के हाई और 85,201 के लो लेवल तक गया। अंत में यह 446.21 अंक या 0.52 फीसदी की बढ़त के साथ 85,632.68 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 26,132 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान 26,246 अंक के हाई लेवल और 26,063 अंक के लो लेवल तक गया। अंत में यह 139.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,192 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। इसका मुख्य कारण भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक माहौल और फेज-1 समझौतों में प्रगति रहा। इससे बाजार की समग्र सेंटीमेंट में सुधार आया। वैश्विक संकेत भी मजबूत रहे। खासकर तकनीकी शेयरों में अच्छे नतीजों के बाद आई तेजी के कारण। एफआईआई की नई खरीद और ऑटो, फाइनेंशियल्स व आईटी जैसे बड़े सेक्टरों में मजबूती ने भी बाजार की बढ़त को सहारा दिया।”

उन्होंने कहा, ”शॉर्ट टर्म का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, निवेशकों को महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले सतर्क रहना चाहिए। जो शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव पैदा कर सकते हैं।”

एलकेपी सिक्योरिटीज ने वत्सल भुव ने कहा, ”सेशन के दौरान बैंक निफ्टी ने एक छोटा कैंडलस्टिक बनाया। जबकि डेली चार्ट पर आरएसआई बढ़कर 74 तक पहुंच गया है। यह शॉर्ट टर्म में कुछ सावधानी बरतने की जरूरत का संकेत देता है। नई लंबी पोजीशन (Fresh Longs) केवल 59,500 के ऊपर या 58,800 के आसपास गिरावट पर ही लेनी चाहिए। क्योंकि वहीं अनुकूल रिस्क-रिवार्ड सेटअप बनता है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म और ब्रोडर आउटलुक अभी भी बुलिश बना हुआ है।”

Top Gainers & Losers

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स, टाइटन और एचसीएलटेक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

एनएसई (NSE) पर आयशर मोटर्स, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज की गई। एशियन पेंट्स, टाइटन और एचसीएलटेक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा 0.70 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी ऑटो इंडेक्स में भी बढ़त दर्ज की गई। जबकि निफ्टी मीडिया और पीएसयू बैंक सबसे अधिक पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।

Global Markets

एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 3.62 प्रतिशत, मैनलैंड चीन का सीएसआई 300 0.47 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.65 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.5 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि एसएंडपी 500 बुधवार को 0.38 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट 0.59 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।

मैक्रो मोर्चे पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अक्टूबर की बैठक के विवरण से पता चला कि अधिकारी इस बात पर बंटे हुए थे कि श्रम बाजार में मंदी या मुद्रास्फीति में स्थिरता, अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम है।

First Published : November 20, 2025 | 8:28 AM IST