facebookmetapixel
Advertisement
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बैंकों को होगा फायदा, Q1 में ट्रेजरी मुनाफा बढ़ने की उम्मीदFiscal Deficit: अप्रैल-मई में सरकार का राजकोषीय घाटा 12 गुना बढ़ा, RBI डिविडेंड के बावजूद बढ़ा दबावRBI FSR: मार्च में बैंकों का एनपीए घटकर 0.4% पर, कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा फंसे कर्ज का दबावअर्थव्यवस्था मजबूत, पर मॉनसून और पश्चिम एशिया संकट से अब भी जोखिमडिबेंचर धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नियमों की होगी समीक्षाSEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्तावCrude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफाकोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारादुबई रियल एस्टेट में सुस्ती के बीच FY27 में डैन्यूब की नजर 4 अरब डॉलर की परियोजनाओं परARAI ने बदला फैसला, ऑटो पीएलआई स्कीम में अब पूरे साल लागू होगी एक ही विनिमय दर

Rupee vs Dollar: तीन दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, रुपये में गिरावट; डॉलर के मुकाबले 85.80 पर बंद

Advertisement

चालू वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.36 फीसदी की गिरावट हुई है और मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 0.19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

Last Updated- July 11, 2025 | 10:35 PM IST
rupees dollar

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी के कारण रुपये में तीन दिन से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया। डीलरों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की डॉलर मांग ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला। शुक्रवार को स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 85.80 पर बंद हुई। एक दिन पहले यह 85.65 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। चालू वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.36 फीसदी की गिरावट हुई है और मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 0.19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, मूल्यह्रास उतना तेज नहीं था क्योंकि बातचीत की अभी भी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि रुपया, डॉलर इंडेक्स को ट्रैक कर रहा था और कुछ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भी निकासी की।

ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि उनकी योजना 15 या 20 फीसदी का एकतरफा शुल्क लगाने की है। उन्होंने कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 1 अगस्त से 35 फीसदी शुल्क लगाने की भी घोषणा की और चेतावनी दी कि अगर कनाडा जवाबी कार्रवाई करता है तो और भी ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा।

एशियाई कारोबार में डॉलर सूचकांक 0.3 फीसदी बढ़कर 97.77 पर पहुंच गया। यह छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापता है। अब कारोबारी भारत और अमेरिका के बीच संभावित टैरिफ घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं, जिनसे मनोबल पर काफी असर पड़ सकता है। एसबीआई के 25,000 करोड़ रुपये के पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से आगामी सप्ताह रुपये को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, अगले हफ्ते रुपया 85.50 से 86.00 प्रति डॉलर के दायरे में रहने की उम्मीद है। एसबीआई के 25,000 करोड़ रुपये के क्यूआईपी की संभावना है, जिससे रुपया पर असर पड़ सकता है। हम भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ की खबरों का भी इंतजार कर रहे हैं, जिस पर और लोगों की भी नजर है।

Advertisement
First Published - July 11, 2025 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement