अगर टैरिफ कम होते हैं या हटते हैं, तो निर्यात बढ़ेगा। विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटेगा और बाजार को बड़ा सहारा मिलेगा। प्रतीकात्मक फोटो
New Year Stocks Pick 2026: साल 2025 में मिलेजुले प्रदर्शन के बीच भारतीय शेयर बाजार अब नए साल (2026) में प्रवेश करने जा रहा है। बाजार से अच्छी कमाई का प्लान बना रहे निवेशकों के लिए यह साल अहम रहेगा। बाजार उस दौर से आगे बढ़ रहा है, जहां सिर्फ घरेलू नकदी (लिक्विडिटी) के भरोसे तेजी आई थी। अब आगे कंपनियों की अर्निंग्स, सरकारी नीतियां और इकॉनमिक स्थिरता बड़ा रोल निभाएंगी। ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट (Axis Direct) ने अपने न्यू ईयर पिक में निवेशकों के लिए 5 गोल्डन थीम्स और निवेश स्ट्रैटेजी बताई है। साथ ही अगले एक साल से ज्यादा के नजरिए से 9 क्वॉलिटी शेयर चुने हैं। इनमें लार्ज कैप, मिडकैप और स्मालकैप स्पेस के चुनिंदा स्टॉक शामिल हैं। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का बेस-केस टारगेट 28,100 दिया है।
साल 2025 में घरेलू शेयर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी 50 ने 1 दिसंबर 2025 को 26,326 का रिकॉर्ड स्तर छुआ और पूरे साल में 10.2% का रिटर्न दिया। वहीं, निफ्टी 500 सिर्फ 6.4% बढ़ा जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 6.4% की गिरावट आई। बीता साल निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार में अचानक सेक्टर बदलते रहे, रुपये में उतार-चढ़ाव रहा, ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बनी रही और विदेशी निवेशक (FII) बीच-बीच में बिकवाली करते रहे। बावजूद इसके भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रही।
एक्सिस डायरेक्ट का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में अब साइकलिकल रिकवरी शुरू हो रही है। यानी कंपनियों की कमाई फिर से बढ़ने के दौर में जा रही है और आर्थिक ग्रोथ का दायरा फैल रहा है। FY26-27 में कंपनियों की कमाई 12% से 15% सालाना की दर से बढ़ सकती है। यही आगे चलकर निफ्टी में तेजी की सबसे बड़ी वजह बनेगा। FY27 में कमाई की रिकवरी दमदार हो सकती है, जिसे मजबूत GDP ग्रोथ, डिमांड में रिकवरी, और घरेलू नीतियों का सपोर्ट मिलेगा।
2026 में भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। दुनिया में AI से जुड़ा निवेश अब अमेरिका के महंगे बड़े शेयरों से निकलकर ऐसे बाजारों की ओर जा सकता है, जहां वैल्यू और ग्रोथ दोनों हों। ऐसे में भारत, अपनी मजबूत घरेलू ग्रोथ और बेहतर कमाई के कारण, विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बन सकता है।
हाल के समय में रुपये में तेज गिरावट देखने को मिली और यह 90 रुपये प्रति डॉलर के पार चला गया। ब्रोकरेज का मानना है कि आगे चलकर USD/INR फिर से 90 के नीचे आ सकता है, क्योंकि घरेलू ग्रोथ और कमाई मजबूत है। RBI बाजार में दखल देकर उतार-चढ़ाव संभाल रहा है और अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद है। दूसरी ओर, अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ज्यादा टैरिफ का समाधान निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत जरूरी है। अगर टैरिफ कम होते हैं या हटते हैं, तो निर्यात बढ़ेगा। विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटेगा और बाजार को बड़ा सहारा मिलेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, SIP और म्युचुअल फंड के जरिए घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा अब शेयर बाजार में आ रहा है। यह DII फ्लो बाजार को मजबूत आधार देता है और FII की बिकवाली का असर कम करता है। हालांकि नजरिया पॉजिटिव है, फिर भी अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद में देरी, रुपये में लगातार कमजोरी, महंगाई का RBI की सीमा से ऊपर जाना, वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने का माहौल, या कमाई में उम्मीद से धीमी रिकवरी जैसे जोखिम बने हुए हैं।
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि 2026 में शेयर बाजार वैल्यू-आधारित दौर से निकलकर कमाई-आधारित दौर में जा सकता है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का बेस-केस टारगेट 28,100 दिया है। जहां तक स्ट्रैटेजी की बात है, तो ब्रोकरेज ने कम से कम 12 महीने के निवेश नजरिये के साथ गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips) की सलाह दी है।
टारगेट: 1,135
CMP: 980
अनुमानित रिटर्न: 16%
टारगेट: 550
CMP: 469
अनुमानित रिटर्न: 17%
टारगेट: 950
CMP: 852
अनुमानित रिटर्न: 12%
टारगेट: 1,000
CMP: 888
अनुमानित रिटर्न: 13%
टारगेट: 2,320
CMP: 2,015
अनुमानित रिटर्न: 15%
टारगेट: 1,625
CMP: 1,424
अनुमानित रिटर्न: 14%
टारगेट: 2,000
CMP: 1,719
अनुमानित रिटर्न: 16%
टारगेट: 850
CMP: 707
अनुमानित रिटर्न: 20%
टारगेट: 670
CMP: 578
अनुमानित रिटर्न: 16%
(नोट: CMP 19 दिसंबर 2025 के आधार पर)
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)