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नए नियमों से कमिंस के मार्जिन को लग सकती है चपत

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Last Updated- May 31, 2023 | 8:31 PM IST
Shift to new norms may hamper growth, margins for Cummins India in FY24

पिछले तीन कारोबारी सत्रों के दौरान कमिंस इंडिया (Cummins India) के शेयरों में करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई है। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के मजबूत आंकड़ों और आगे अच्छी कारोबारी संभावनाओं के दम पर शेयर ने तेज छलांग लगाई है।

चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 29 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी को स्थानीय कारोबार से प्राप्त होने वाला राजस्व 33 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि निर्यात में 17 प्रतिशत की तेजी आई है। इसी तिमाही में घरेलू बाजार में बिक्री में केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के नए नियमों के आने से पहले तेजी दर्ज की गई है।

घरेलू बिक्री की कंपनी के राजस्व में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होती है। CPCB के नए नियम 1 जुलाई से प्रभावी हो जाएंगे। हालांकि, सभी सेगमेंट का प्रदर्शन अच्छा रहा मगर बिजली उत्पादन एवं वितरण में कारोबार में सर्वाधिक तेजी आई। इनमें क्रमशः 43 प्रतिशत और 31 प्रतिशत की तेजी आई।

डेटा सेंटर, फार्मा, रियल एस्टेट, आतिथ्य (hospitality) क्षेत्रों में बिजली की मांग अधिक रहने से कंपनी का फायदा पहुंचा। निर्माण क्षेत्र (construction segment) में मांग कोविड महामारी से पूर्व की स्थिति में पहुंच गया। खनन एवं रेलवे सेगमेंट में कारोबार मजबूत रहने से कंपनी को इंडस्ट्रियल सेगमेंट को 14 प्रतिशत तेजी हासिल करने में मदद मिली।

सकल एवं शुद्ध परिचालन मुनाफा मार्जिन में कंपनी की वृद्धि दर उम्मीद से अधिक रही। परिचालन मुनाफा एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 310 आधार अंक (bps) बढ़ कर 16.9 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया।

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हालांकि, क्रमागत आधार पर सकल मार्जिन में कमी दर्ज की गई। जे एम फाइनैंशियल रिसर्च के अनुसार कम मुनाफा देने वालों में बिक्री जरूर अधिक रही मगर अधिक मार्जिन देने वाले खंडों में बिक्री कमजोर रही।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 के दौरान उसने राजस्व एवं मुनाफे में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कारोबार मजबूत रहने एवं निर्यात के आंकड़े बेहतर रहे, वहीं कंपनी ने कीमतों को लेकर सही रणनीति अपनाई। इसके साथ ही लागत प्रबंधन भी समझ-बूझ के साथ किया।

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First Published - May 31, 2023 | 8:31 PM IST

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