अगले हफ्ते शेयर मार्केट में निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका आने वाला है। हनी, फूड प्रोडक्ट्स और FMCG कैटेगरी में काम करने वाली Apis India Ltd बोनस शेयर जारी करने जा रही है। कंपनी ने अपने बोनस इश्यू की तारीख तय कर दी है और इसके बाद निवेशकों की नजरें अब इस कॉर्पोरेट ऐक्शन पर टिक गई हैं। बोनस इश्यू आम तौर पर उन स्थितियों में किया जाता है जब कंपनी अपने रिजर्व मजबूत होने का संकेत देना चाहती है और अपने शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर देकर उन्हें फायदा पहुंचाती है।
Apis India Ltd का सिक्योरिटी कोड 506166 है। कंपनी ने 5 दिसंबर 2025 को एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट दोनों घोषित की हैं। कंपनी इस बार 24:1 के बेहद बड़े अनुपात में बोनस जारी कर रही है। मतलब यह कि निवेशकों के पास जितने भी शेयर हैं, उनके बदले कंपनी उन्हें हर 1 शेयर पर 24 नए बोनस शेयर देगी। यह बोनस इश्यू बाजार में काफी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि बहुत कम कंपनियां इतने बड़े अनुपात में बोनस देती हैं।
बोनस शेयर मिलने से निवेशकों की होल्डिंग बढ़ जाती है, हालांकि कुल वैल्यू सामान्य तौर पर वही रहती है क्योंकि बोनस जारी होने के बाद शेयर की कीमत उसके अनुपात में एडजस्ट हो जाती है। लेकिन शेयरों की संख्या बढ़ने से लिक्विडिटी तेज होती है और कई बार नए निवेशकों की एंट्री भी आसान हो जाती है।
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बोनस इश्यू का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशकों को बिना कोई अतिरिक्त पैसा दिए अधिक शेयर मिल जाते हैं। कंपनियां बोनस शेयर आम तौर पर तभी देती हैं जब उनके रिजर्व मजबूत होते हैं और फाइनेंशियल स्थिति अच्छे संकेत दे रही होती है। इससे कंपनी पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ता और शेयरधारकों को भी लाभ मिलता है।
Apis India के बोनस इश्यू का रेशियो काफी असामान्य रूप से बड़ा है, जिससे निवेशकों के बीच पहले ही चर्चा बढ़ गई है। जिन निवेशकों के पास अभी शेयर हैं, वे रिकॉर्ड डेट यानी 5 दिसंबर 2025 तक शेयर होल्ड कर बोनस का फायदा ले सकेंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े बोनस इश्यू के बाद कंपनी के शेयर में कुछ दिनों तक तेजी देखी जा सकती है, हालांकि लंबी अवधि में इसका असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार में बोनस इश्यू अक्सर निवेशकों की भावनाओं को मजबूत करता है क्योंकि इससे लगता है कि कंपनी अपने शेयरधारकों को रिवॉर्ड करना चाहती है। हालांकि निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि बोनस शेयर मिलने से केवल शेयरों की संख्या बढ़ती है, कंपनी का मार्केट कैप वही रहता है।