facebookmetapixel
Advertisement
IMD Weather Alert: उत्तराखंड से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन दिल्ली वालों को नसीब नहींक्या 60 की उम्र के बाद भी जरूरी है लाइफ इंश्योरेंस? 90 साल की उम्र और 30 साल के खर्च का समझें गणितहोर्मुज को ईरान ने फिर किया बंद, तो अमेरिका ने कई ईरानी शहरों पर बरसाए बम; ट्रंप ने खत्म किया सीजफायरवॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मदद

कोविड वैक्सीन पर सीरम इंस्टीट्यूट का बड़ा निवेश

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 8:04 PM IST

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) अपने वैक्सीन संयंत्र के जरिये कुछ लाख खुराक का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहा है। एसआईआई  के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी ने कम और मध्य आय वाले देशों को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के संभावित कोविड-19 वैक्सीन की एक अरब खुराक की आपूर्ति के लिए ब्रिटेन की दवा निर्माता एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है।
एसआईआई के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने कहा, ‘ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को भारत में बनाया जाएगा और यहीं पर उसकी पैकेजिंग होगी। हम इस संयंत्र के लिए 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा का खर्च कर रहे हैं।’
एस्ट्राजेनेका ने 2020 के अंत तक कोविड-19 वैक्सीन की एक अरब खुराक की आपूर्ति के लिए एसआईआई के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है। इसलिए, यदि सब कुछ योजना के मुताबिक होता है तो भारत इस साल के अंत तक अपना कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाले प्रथम देशों में शुमार होगा। एस्ट्राजेनेका के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी पास्कल सोरियट ने कहा है कि कंपनी महामारी के समय इस दवा से मुनाफा नहीं कमाएगी।
पूनावाला ने स्पष्ट किया की जब तक सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा नही हो जाता, तब तक वैक्सीन को भारत या अन्य देश, कही भी वितरित नही किया जाएगा।
एस्ट्राजेनेका के साथ मिल कर वैक्सीन विकसित कर रही ओक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लगभग 10,000 एडल्ट वॉलंटियर पर एजेडडी 1222 के फेज 2/3 ट्रायल शुरू करने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। अन्य ट्रायल कई देशो में शुरू किए जाने बाकी है। ब्रिटेन की इस दवा निर्माता ने  वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिका से 1 अरब डॉलर की रकम पहले ही हासिल कर ली है।
पूनावाला ने दावा किया कि भारत सरकार यहा इस तरह के वैक्सीन को लेकर काफी सहयोगात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार और डीबीटी, आईसीएमआर, सीडीएससीओ जैसे विभिन्न विभाग नियामकीय मंजूरियों को लेकर काफी मदद कर रहे हैं।

Advertisement
First Published - June 6, 2020 | 12:09 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement