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वॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियम

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वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर विवाद के बाद सरकार डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए एक जैसे नियम लाने पर विचार कर रही है

Last Updated- July 11, 2026 | 5:38 PM IST
Social Media
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत सरकार देश में काम करने वाले सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक जैसे नियम और स्टैंडर्ड लाने पर विचार कर रही है। यह कदम वॉट्सऐप के उस नए प्रस्ताव के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें कंपनी ने फोन नंबर के बिना सिर्फ ‘यूजरनेम’ के जरिए चैट करने का फीचर लाने की बात कही थी।

न्यूज वेबसाइट द हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) किसी एक ऐप के लिए अलग से फैसला लेने के बजाय एक ऐसा कॉमन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (नियामक ढांचा) तैयार करने की संभावना तलाश रहा है, जो सभी मैसेजिंग ऐप्स पर समान रूप से लागू हो।

दरअसल, सरकार ने वॉट्सऐप के इस यूजरनेम वाले प्लान का विरोध किया था। सरकार का मानना है कि बिना फोन नंबर के सिर्फ यूजरनेम से बातचीत करने की सुविधा मिलने से जालसाजों को लोगों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने में आसानी होगी। इससे ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फिशिंग जैसे ऑनलाइन स्कैम बढ़ सकते हैं। साथ ही, फोन नंबर न होने से कानून लागू करने वाली एजेंसियों (लॉ एनफोर्समेंट) के लिए अपराधियों की जांच करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

Also Read: यूजरनेम फीचर पर व्हाट्सएप के बाद टेलीग्राम ने भी सरकार को सौंपा जवाब, IT मंत्रालय करेगा जांच

वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस जारी; जवाबों की जांच शुरू

इस मामले में कानूनी मजबूती देने के लिए सरकार अब सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए एक जैसे नियम चाहती है। रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि ऐसा नहीं हो सकता कि सरकार किसी एक ऐप को कोई फीचर लाने से रोके और दूसरे ऐप्स को वही चीज जारी रखने की छूट दे दे। नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार सभी बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत करेगी।

इसी सिलसिले में IT मंत्रालय ने वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस भेजकर यह जानकारी मांगी है कि उनके यूजरनेम फीचर्स धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े जैसी चिंताओं से कैसे निपटते हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वॉट्सऐप और टेलीग्राम के जवाब मिल चुके हैं और उनकी जांच की जा रही है, हालांकि इनके जवाबों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इससे पहले, सरकार ने वॉट्सऐप को भारत में इस फीचर को टालने के लिए कहा था, जिसपर वॉट्सऐप ने भरोसा दिया है कि वह बातचीत पूरी होने तक इसे भारत में लॉन्च नहीं करेगा। भारत में वॉट्सऐप के करीब 50 करोड़ यूजर्स हैं, जो टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कहीं ज्यादा हैं।

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First Published - July 11, 2026 | 5:32 PM IST

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