अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने उनकी हत्या करने की कोशिश भी की, तो अमेरिका इसके जवाब में बेहद खतरनाक सैन्य कार्रवाई करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है और लगभग 1000 मिसाइलें ईरान पर निशाना साधकर बिल्कुल तैयार (लॉक्ड एंड लोडेड) खड़ी हैं।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने लिखा कि अगर ईरान अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति, यानी कि खुद उनके खिलाफ किसी भी तरह की साजिश रचता है या हमला करता है, तो अमेरिकी सेना तुरंत हरकत में आ जाएगी। पहले हमले के तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना को एक साल के लिए पूरे ईरान को तबाह करने के निर्देश दे दिए गए हैं, और जरूरत पड़ने पर इस समयसीमा को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
कुछ इसी तरह की बातें डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अखबार ‘न्यू यॉर्क पोस्ट’ को दिए एक इंटरव्यू में भी कहीं। उन्होंने अखबार से बातचीत में कहा कि वह बहुत लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में टॉप पर हैं। उन्होंने पहले से ही ऐसे निर्देश छोड़ रखे हैं कि अगर उनके साथ कुछ भी अनहोनी होती है, तो ईरान पर उस स्तर की बमबारी की जाए जो उसने इतिहास में कभी नहीं देखी होगी।
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हालांकि, जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या उन्हें हाल ही में किसी नए खतरे का इनपुट मिला है, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि इजरायल ने उनके खिलाफ किसी नए ईरानी साजिश का पता लगाया है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इजरायल के हाथ ऐसा कुछ नहीं लगा है और वह बहुत पहले से ही ईरान के निशाने पर रहे हैं, जो कि अब उनके जीवन का एक हिस्सा बन चुका है।
ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ उनका कोई भी भविष्य का मुकाबला बहुत लंबा नहीं खिंचेगा। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनातनी नई नहीं है। साल 2020 में जब डॉनल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उनके आदेश पर एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को बगदाद के पास मार गिराया गया था। इसके बाद से ही ईरान लगातार बदला लेने की बात कहता आ रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी समय-समय पर ट्रंप को निशाना बनाने वाली कई संदिग्ध ईरानी साजिशों का खुलासा किया है, हालांकि ईरान हमेशा से इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
इस बीच, ट्रंप ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने अमेरिका से दोबारा बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। अमेरिका इस बातचीत के लिए तैयार तो हो गया है, लेकिन ट्रंप ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच अब सीजफायर (युद्धविराम) पूरी तरह खत्म हो चुका है।