मुख्य सामग्री पर जाएं
बिज़नेस स्टैंडर्ड

Rich Dad Poor Dad के लेखक की चेतावनी: जल्द खत्म हो सकता है दुनिया भर के शेयर बाजारों का भरोसा

जाने-माने पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को लेकर एक बड़ी और डरावनी चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखी अपनी एक पोस्ट…

Robert Kiyosaki

Robert Kiyosaki

Last Updated: जुलाई 19, 2026 | 4:30 PM IST

जाने-माने पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को लेकर एक बड़ी और डरावनी चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखी अपनी एक पोस्ट में कियोसाकी ने कहा है कि हमारा मौजूदा फाइनेंशियल सिस्टम बहुत जल्द एक बड़े क्रैश या महामंदी का शिकार हो सकता है। उनके मुताबिक, ऐसी हर वो चीज अपनी कीमत खो देगी जो सरकारों या बैंकों के ‘भरोसे’ पर चल रही है।

कियोसाकी का मानना है कि इस बड़े संकट की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने आगाह करते हुए लिखा, “आने वाले क्रैश और संभावित मंदी में ऐसी हर संपत्ति नष्ट हो जाएगी जिसके लिए ‘भरोसे’ (Trust) की जरूरत होती है।”

कागजी निवेश और सरकारी करेंसी पर उठाया सवाल

रॉबर्ट कियोसाकी ने साफ शब्दों में समझाया कि ‘भरोसे’ से उनका मतलब उन संपत्तियों से है जिनकी वैल्यू सरकारों, बैंकों या आर्थिक संस्थानों के प्रति लोगों के विश्वास पर टिकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी बॉन्ड, कुछ स्टॉक्स, ETFs, म्यूचुअल फंड और 401(k), IRAs व सुपरएनुएशन जैसे रिटायरमेंट प्लान्स पर इस क्रैश का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

Also Read: Mcap: टॉप-10 में से 5 कंपनियों की मार्केट वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी, TCS की चमकी किस्मत

इतना ही नहीं, उन्होंने फिएट करेंसी यानी सरकारी नोटों को ‘फर्जी पैसा’ बताया है। अपनी इस चेतावनी में उन्होंने अमेरिकी डॉलर, यूरो, येन जैसी दुनिया की बड़ी करेंसी को भी शामिल किया है और लोगों को इन्हें संभालकर रखने के प्रति सावधान किया है।

सोना, चांदी और कच्चा तेल हैं पहली पसंद

कागजी या डिजिटल निवेश के बजाय कियोसाकी हमेशा से उन संपत्तियों को बेहतर मानते हैं जिन्हें असल में छुआ और देखा जा सकता है। अपनी रणनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि वे साल 1965 से ही लगातार सोना, चांदी और कच्चे तेल (Oil) जैसी वास्तविक चीजों में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि इनके लिए किसी सरकार या बैंक के भरोसे की जरूरत नहीं होती। उनका मानना है कि आर्थिक मंदी या उथल-पुथल के समय वेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए ये चीजें कागजी पैसों या बॉन्ड्स से कहीं ज्यादा मजबूत साबित होती हैं।

अपनी नई किताब ‘द एंट्रॉपी ट्रैप’ का जिक्र करते हुए कियोसाकी ने कहा कि जो लोग आज अमीर हैं, वे अगर अभी भी सरकारी भरोसे वाली कागजी संपत्तियों में ही पैसा लगाए रखेंगे, तो वे आने वाले कल के गरीब बन जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस आर्थिक संकट की चेतावनी वह सालों से दे रहे थे, वह अब आने वाला कल नहीं बल्कि आज से ही शुरू हो चुका है।

Advertisement