facebookmetapixel
Advertisement
Q1 रिजल्ट के बाद HDFC ग्रुप के ये 2 शेयर बने ब्रोकरेज के फेवरेट, 44% तक अपसाइड का अनुमानSEBI ने जून में सुलझाई 5,000 से ज्यादा शिकायतें, SCORES 2.0 सिस्टम से निवेशकों को बड़ी राहतAdani Green, Groww समेत 12 शेयर MSCI इंडेक्स में हो सकते हैं शामिल, बाजार में 2.3 अरब डॉलर निवेश की संभावनाSBI Funds IPO, Day 3: निवेश का आखिरी मौका, क्या करें अप्लाई? NII कैटेगरी में जबरदस्त मांग, रिटेल निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पीपूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ अग्निकुल कॉसमॉस से जुड़े, मिशन 2 की तैयारियों को मिलेगा बलमॉनसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है सरकार, समर्थन जुटाने में जुटा NDAसरकार ने डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर घटाया निर्यात शुल्कHDFC Bank पर ₹1,100 का टारगेट, AI और डिजिटल दांव से ब्रोकरेज को दिख रही बड़ी कमाई की उम्मीदसोने-चांदी की कीमतों में नरमी जारी; सोना ₹819 टूटा, चांदी ₹1,380 फिसलीभारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र से जुड़ी फाइलें लीक, रिलायंस ने डेटा में ‘आंशिक घुसपैठ’ की पुष्टि

भारत के फैसले का असर! बंधुआ मजदूरी पर सख्ती के बाद अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ में दे सकता है बड़ी राहत

Advertisement

बंधुआ मजदूरी से बने सामान पर रोक की अधिसूचना के बाद भारत को अमेरिकी धारा 301 के अतिरिक्त शुल्क में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

Last Updated- July 16, 2026 | 8:58 AM IST
India-US Trade Deal
Representative image

बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी करने के बाद भारत को अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर प्रस्तावित धारा 301 के तहत लगाए जाने वाले शुल्क में कुछ नरमी किए जाने की उम्मीद है। एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने शुल्क में बदलाव के किसी विशिष्ट आंकड़े का उल्लेख किए बगैर कहा, ‘धारा 301 की जांच के बाद लगने वाले शुल्क में कुछ राहत मिलनी चाहिए।’

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने पिछले महीने धारा 301 के तहत बंधुआ मजदूरी से जुड़े आयात की जांच के बाद भारत सहित कई अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव दिया था। यूएसटीआर ने इसी जांच के तहत पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मेक्सिको और कनाडा सहित कुछ चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं पर 10 प्रतिशत के कम शुल्क का प्रस्ताव रखा है। कम शुल्क इश आधार पर लगाया गया है कि उन्होंने बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए ‘आंशिक व्यवस्था’ लागू की है।

इस बीच भारत सरकार ने इस सप्ताह बंधुआ मजदूरी का उपयोग करके निर्मित वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। वाणिज्य एवं उद्योग महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी इस अधिसूचना में बंधुआ मजदूरी को ‘किसी भी व्यक्ति से किसी दंड की धमकी के तहत कराए गए सभी कार्य या सेवा’ के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसके लिए उक्त व्यक्ति ने स्वेच्छा से स्वयं को प्रस्तुत नहीं किया है, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की बंधुआ मजदूरी कन्वेंशन में परिभाषित है।

यह अधिसूचना भारत को बंधुआ मजदूरी के संबंध में उसी अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप लाती है जिसका उपयोग अमेरिका घरेलू स्तर पर करता है। ऐसे में भारत को अब यूएसटीआर की जांच पर अंतिम रिपोर्ट में भारतीय सामानों के लिए बेहतर शुल्क परिणाम की उम्मीद है, जो संभवतः इस महीने जारी हो सकती है।

यूएसटीआर ने धारा 301 के तहत भारत के खिलाफ अतिरिक्त क्षमता के आरोपों को लेकर एक और जांच शुरू की है, जिसकी मसौदा रिपोर्ट अभी जारी होनी बाकी है। अमेरिकी व्यापार अधिनियम का यह खंड अमेरिका को उन व्यापार प्रथाओं की जांच करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति देता है जिन्हें वह अमेरिका के कारोबार के लिए हानिकारक मानता है। धारा 301 के तहत भारत के खिलाफ अमेरिकी जांच को डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अप्रैल 2025 में आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम के तहत लगाए गए जवाबी शुल्क के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने फरवरी में उन शुल्कों को रद्द कर दिया था।

वहीं भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसमें संभवतः भारत की चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें अमेरिका की भारत के खिलाफ धारा 301 जांच भी शामिल है।

Advertisement
First Published - July 16, 2026 | 8:58 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement