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होर्मुज को ईरान ने फिर किया बंद, तो अमेरिका ने कई ईरानी शहरों पर बरसाए बम; ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर

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US Iran Conflict: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ईरानी सेना ने होर्मुज में साइप्रस के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर हमला किया था

Last Updated- July 12, 2026 | 8:50 AM IST
Trump Khamenei
ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) अयातुल्ला मोजताबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव अब एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बार फिर बड़े हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर किए गए हमले के जवाब में की गई है।

इस नए विवाद के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष विराम (सीजफायर) को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। यह सीजफायर उस लड़ाई को रोकने के लिए हुआ था, जिसकी शुरुआत इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर की थी। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया है कि  ईरान से बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं।

इस तनाव की ताजा वजह रविवार को हुई वह घटना है, जिसमें ईरान ने एक कंटेनर जहाज पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान के निशाने पर आया यह जहाज ‘M/V GFS गैलेक्सी’ था, जो साइप्रस के झंडे के साथ सफर कर रहा था। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि चालक दल (क्रू) का एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है।

दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि उसने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि यह जहाज तय रास्ते से हटकर ‘गलत रूट’ पर चल रहा था और चेतावनी को नजरअंदाज कर रहा था। इसके साथ ही ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी जवाबी कार्रवाई की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

Also Read: ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगे

दुनिया में दोबारा बढ़ सकता है उर्जा संकट 

होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। दरअसल, पूरी दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान की इस नाकेबंदी के कारण ग्लोबल मार्केट में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

अमेरिका में नवंबर के महीने में कांग्रेस (संसद) के चुनाव होने हैं, ऐसे में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक सिरदर्द बन चुके हैं। वाशिंगटन की मांग है कि तेहरान सार्वजनिक रूप से जहाजों पर हमले रोकने का वादा करे और इस समुद्री रास्ते को बिना किसी टैक्स (टोल) के सबके लिए खोले।

हालांकि, इस संकट के बीच पर्दे के पीछे शांति की कोशिशें भी चल रही हैं। बीते दिनों ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच ओमान में बैठक हुई है, ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का कोई रास्ता निकाला जा सके।

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने एक प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके तहत जहाजों को ओमान की समुद्री सीमा वाले दक्षिणी हिस्से से फ्री में निकलने की इजाजत होगी। वहीं, ईरान के समुद्री इलाके से गुजरने वाले उत्तरी रास्ते के लिए ईरान से मंजूरी लेनी होगी, हालांकि इसके लिए कोई टैक्स नहीं देना होगा।

इसके अलावा कतर, पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच एक साझा बातचीत की जमीन तैयार करने की कोशिश भी की जा रही है, लेकिन ये कोशिशें कितनी कामयाब हुईं, यह अभी साफ नहीं है।

बता दें कि इस पूरे विवाद में एक खतरनाक मोड़ तब आया जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) अयातुल्ला मोजताबा खामेनेई ने एक लिखित बयान जारी कर अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई। अली खामेनेई युद्ध के शुरुआती हमलों में मारे गए थे।

इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि इजरायल ने अमेरिका के साथ ऐसे खुफिया इनपुट साझा किए हैं, जिनसे पता चलता है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। इसके जवाब में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ऐसी कोई हिमाकत की, तो अमेरिकी सेना ईरान पर हजारों मिसाइलें दागने के लिए तैयार है।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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First Published - July 12, 2026 | 8:31 AM IST

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