facebookmetapixel
Budget 2026 में रिसाइक्लिंग इंडस्ट्री की सरकार से मांग: GST कम होगा तभी उद्योग में आएगी तेजी27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारीऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकस

विदेशी निवेशकों के लिए खुशखबरी, SEBI लाएगा डिजिटल FPI रजिस्ट्रेशन सिस्टम!

सर्विस क्वालिटी बढ़ाने के लिए सेबी एफपीआई रजिस्ट्रेशन के लिए एक दूसरा प्लेटफॉर्म भी शुरू कर रहा है, जिसे सीडीएसएल (CDSL) द्वारा डेवलप किया जा रहा है

Last Updated- November 19, 2025 | 6:23 PM IST
SEBI

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर तेजी से काम कर रहा है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके इस पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस बनाया जा रहा है।

FPI रजिस्ट्रेशन के लिए नया प्लेटफॉर्म

उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य रजिस्ट्रेशन की टाइमलाइन को महीनों से घटाकर सिर्फ कुछ दिनों तक सीमित करना है। साथ ही डेटा प्राइवेसी से जुड़े सभी मुद्दों का पूरा ध्यान रखा जाए। सर्विस क्वालिटी बढ़ाने के लिए सेबी एफपीआई रजिस्ट्रेशन के लिए एक दूसरा प्लेटफॉर्म भी शुरू कर रहा है, जिसे सीडीएसएल (CDSL) द्वारा डेवलप किया जा रहा है।

Also Read: Large Cap Funds: स्टेबल रिटर्न चाहिए? पोर्टफोलियो का 30–70% हिस्सा लार्ज-कैप फंड्स में लगाएं

भारतीय बाजार में FPI की भूमिका अहम

यह पहल ऐसे समय में आ रही है जब घरेलू निवेश बढ़ने के बावजूद विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स के 14वें इंडिया CIO कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पांडेय ने कहा कि विदेशी निवेशक भारत के कैपिटल मार्केट के केंद्र में बने हुए हैं। 1992 में भारत द्वारा एफपीआई निवेश की अनुमति दिए जाने के बाद से पोर्टफोलियो फ्लो ने 9.3% का XIRR (Extended Internal Rate of Return) दिया है।

सितंबर 2025 तक एफपीआई के एसेट अंडर मैनेजमेंट 876 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी हैं और वे लिस्टेड कंपनियों में लगभग 17% हिस्सेदारी रखते हैं। XIRR किसी निवेश पर एनुअल रिटर्न रेट को दर्शाता है।

बाजार तक पहुंच होगी और आसान

पांडेय ने कहा कि सेबी बाजार तक पहुंच को और आसान बनाने के तरीकों पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत SWAGAT-FIs (Single Window Automatic & Generalised Access for Trusted Foreign Investors) को जल्द ही FEMA के तहत निर्धारित अन्य निवेश मार्गों के माध्यम से निवेश करने की अनुमति मिल सकती है, वह भी बिना किसी अतिरिक्त मंजूरी के।

Also Read: Railway Stock: कमजोर परफॉर्मेंस के बाद भी ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लें शेयर, ₹1,064 दिया टारगेट

सेबी चीफ ने कहा कि नियामक यह भी जांच कर रहा है कि क्या एफपीआई के लिए एक ही दिन किए गए सौदों के निपटान (settlement) में नेटिंग की अनुमति दी जा सकती है। यह बदलाव एफपीआई की लागतें घटा सकता है, क्योंकि वर्तमान नियमों के तहत उन्हें हर ट्रेड के लिए अलग-अलग डिलीवरी देनी और लेनी पड़ती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सेबी इस सुधार को आगे बढ़ाने के लिए आरबीआई और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - November 19, 2025 | 6:17 PM IST

संबंधित पोस्ट