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मिड, स्मॉलकैप पर बना हुआ है भरोसा

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 7:06 AM IST

इस साल अब तक के प्रदर्शन के आधार पर देखें तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद विश्लेषकों का अभी भी मानना है कि स्मॉलकैप व मिडकैप में अभी और तेजी की गुंजाइश बची हुई है। हालांकि उनका कहना है कि इस बीच रुक-रुककर गिरावट आ सकती है, ऐसे में शेयरों का चयन अहम होगा।
यह आशावाद साल 2000 में कुछ महीनों तक रहे सख्त लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियों में उम्मीद से बेहतर सुधार और कोविड टीके के प्रभावी होने से उपजा है।
शुक्रवार को एसऐंडपी बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स ने 21,411 अंकों की नई ऊंचाई को छू लिया, जो बीएसई पर कारोबार के दौरान करीब एक फीसदी ऊंचा था क्योंंकि बिजली, टेक्सटाइल, आभूषण, औद्योगिक मशीनरी, रसायन और पैकेजिंग से जुड़े शेयरों में उछाल दर्ज हुई। इस इंडेक्स ने 3 मार्च, 2021 के पिछले उच्चस्तर 21,389 अंक को पीछे छोड़ दिया।
एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के मुताबिक, मौजूदा तेजी न सिर्फ मात्रा व गति के लिहाज से मोटे तौर पर साल 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान आई तेजी के समान है बल्कि उस तरह से भी जिसमें स्मॉलकैप व मिडकैप सूचकांकों का लार्जकैप के मुकाबले उम्दा प्रदर्शन किया है।
एडलवाइस सिक्योरिटीज के आदित्य नारायण (शोध प्रमुख) ने आलोक देशपांडे और समीर चुगलानी के साथ मिलकर लिखी हालिया रिपोर्ट में कहा है, नवंबर-2008 और दिसंबर 2009 के दौरान निफ्टी/मिडकैप-100/स्मॉलकैप 100 ने क्रमश: 90 फीसदी, 125 फीसदी व 132 फीसदी की तेजी दर्ज की थी, लेकिन इस बार इनमें क्रमश: 100 फीसदी, 114 फीसदी और 140 फीसदी की उछाल दर्ज हुई है। दोनों ही अवधि में स्मॉल व मिडकैप इंडेक्स का मूल्यांकन दोगुना हो गया।
खास तौर से मिडकैप में तेज उछाल में नकदी की भरमार का अहम योगदान रहा है और वैश्विक केंद्रीय बैंक का रुख उदार रहा है। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा खुदरा निवेशकों ने त्वरित कमाई के लिए पिछले एक साल में इस बाजार तेजी से कदम बढ़ाया है। अर्थव्यवस्था के खुलने के साथ ही कंपनियां भी कारोबार में लौट आई हैं और उत्पादों की मांग स्थिर है। ये सभी चीजें खास तौर से मिडकैप व स्मॉलकैप क्षेत्र की कंपनियों के लिए अच्छी साबित हुई है।
अवरोध के चरण के बाद मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों का उम्दा प्रदर्शन (साल 2009, 2016 और 2017) शुरू होता है। यह ट्रेंड दोनों सूचकांकों के लिए बना हुआ है और उसने कैलेंडर वर्ष 2020 और कैलेंडर वर्ष 2021 में अब तक निफ्टी-50 के मुकाबले उम्दा प्रदर्शन किया है। आंकड़ों से यह जानकारी मिलती है।
कुछ शेयरों में हालिया तेजी और भी मजबूत रही है। इस साल अब तक के लिहाज से अदाणी एंटरप्राइजेज, आईडीएफसी फस्र्ट बैंक, अदाणी ट्रांसमिशन, कमिंस इंडिया और बीएचईएल में 52 फीसदी से 88 फीसदी तक की उछाल दर्ज हुई है। ऐस इक्विटी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
मूल्यांकन से जुड़ी चिंता
विश्लेषक मौजूदा मूल्यांकन को लेकर सतर्क हैं, जिस पर ये सूचकांक व कुछ शेयर ट्रेडिंग कर रहे हैं। इसके अलावा जिंस की बढ़ती कीमतें, महंगाई और बॉन्ड का प्रतिफल बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बना हुआ है।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स जून 2020 के बाद से अब तक 70 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है और अभी फॉरवर्ड पीई के 24 गुने पर कारोबार कर रहा है, जिसके बारे में जेफरीज के विश्लेषकों ने कहा कि यह 5 व 10 साल के एतिहासिक औसत से 29 फीसदी व 53 फीसदी प्रीमियम पर है।

First Published : March 12, 2021 | 11:53 PM IST