facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

Trump Tariff पर moody’s की कड़ी चेतावनी, पढ़ें 90 दिन बाद क्या होगी दुनियाभर में कारोबार की हालत

इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव से वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ेगी तथा मंदी की आशंका बढ़ेगी।

Last Updated- April 16, 2025 | 9:14 PM IST
Insurance premium collection will also increase due to the fast pace of the economy: Moody's Ratings अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार से बीमा प्रीमियम कलेक्शन भी बढ़ेगा

रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी शुल्क से कर्ज की स्थिति कमजोर होगी और खासकर कम रेटिंग वाली कंपनियों के लिए चूक का जोखिम बढ़ेगा। इसमें कहा गया है कि अप्रत्याशित अमेरिकी व्यापार नीति से वैश्विक ऋण की स्थिति खराब होगी और इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव से वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ेगी तथा मंदी की आशंका बढ़ेगी।

मूडीज रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा, “शुल्क से सबसे ज्यादा जोखिम गैर-वित्तीय कॉरपोरेट क्षेत्रों को है। कम रेटिंग वाली कंपनियां ऋण बाजारों पर अपनी निर्भरता से प्रभावित होंगी। ज्यादातर बैंकों और संप्रभु देशों के लिए जोखिम, आर्थिक कमजोरी के जरिये अप्रत्यक्ष हैं।” 

अमेरिकी प्रशासन ने नौ अप्रैल को अधिकांश जवाबी शुल्क के कार्यान्वयन पर 90 दिन की रोक लगा दी। हालांकि, इन देशों पर 10 प्रतिशत का मूल शुल्क लागू रहेगा। अमेरिका ने चीन से आयातित अधिकांश वस्तुओं पर शुल्क को बढ़ाकर 145 प्रतिशत कर दिया था। अब 16 अप्रैल को इसे और बढ़ाकर 245 प्रतिशत कर दिया गया है। 

मूडीज रेटिंग्स ने कहा, “शुल्क ने वित्तीय बाजारों को झकझोर दिया है और वैश्विक आर्थिक मंदी का जोखिम बढ़ा दिया है। निरंतर अनिश्चितता से व्यापार नियोजन में बाधा आएगी, निवेश रुकेगा और उपभोक्ता धारणा पर असर पड़ेगा।” 

एजेंसी ने कहा कि हालांकि इस ‘विराम’ से व्यवसायों को उत्पादन और स्रोत को समायोजित करने के लिए अधिक समय मिलेगा, लेकिन 90 दिन के बाद शुल्क व्यवस्था पर स्पष्टता की कमी से व्यवसाय नियोजन में बाधा उत्पन्न होगी, निवेश रुकेगा और वृद्धि धीमी होगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

Trump Tariff पर क्या बोले ITC CEO संजीव पुरी, पढ़ें क्या होगा भारत के कारोबार पर असर

Finance Ministry की PSU Bank’s CMDs के साथ होने वाली अहम बैठक को लेकर बड़ा अपडेट…

बुरी खबर! दिग्गज रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट, Trump Tariff से 2025, 2026 में Indian Economy को बड़ा घाटा

 

Indo- US Trade: आंकड़ों से जानें Trump Tariff से क्यों घबराया है भारतीय उद्योग जगत

 

 

 

First Published - April 16, 2025 | 9:14 PM IST

संबंधित पोस्ट