facebookmetapixel
Advertisement
अब एक OTP नहीं, दो की होगी जरूरत, बुजुर्गों के पैसे रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित; जानें डीटेलयूपी में जल्द जमीन पर उतरेंगे ₹7 लाख करोड़ के निवेश, डिफेंस कॉरिडोर पर योगी सरकार का बड़ा दांवITC Q4FY26 Results: मुनाफा 74% घटकर ₹5,113 करोड़ पर आया, ₹8 के डिविडेंड का ऐलान Explainer: 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड क्या है और इस पर सबकी नजर क्यों रहती है? भारत का बॉन्ड मार्केट क्यों दे रहा खतरे का इशारा? नीतिगत राहत के बावजूद निवेशक क्यों हैं नाखुश?IPO प्राइस से नीचे फिसला टाटा कैपिटल, एक्सपर्ट ने बताई आगे की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीमजबूत नतीजों के बाद चमका Samvardhana Motherson का शेयर, ब्रोकरेज को 29% तक रिटर्न की उम्मीदIndia US trade talks: अगले महीने भारत आ सकती है अमेरिकी व्यापार टीम, व्यापार समझौते पर होगी बातचीतलेंसकार्ट की तेज ग्रोथ से खुश ब्रोकरेज, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 33% रिटर्न का संकेतBPCL पर किसी ने दिया 265 रुपये तो किसी ने 350 रुपये का टारगेट, आखिर क्या करें निवेशक?

PSU शेयरों की वापसी, पिछले एक दशक में निफ्टी के बराबर दिया रिटर्न

Advertisement

वित्त वर्ष 14 और वित्त वर्ष 24 के दौरान पीएसयू का मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 66 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Last Updated- June 23, 2024 | 8:59 PM IST
Stocks To Buy

PSU Stocks: बाजार में सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के शेयरों ने खासी बढ़ोतरी के कारण हाल में बाजार की तेजी की बराबरी कर ली है। पिछले दशक के मुकाबले बेंचमार्क एनएसई निफ्टी-50 और एसऐंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स का रिटर्न करीब-करीब एक जैसा हो गया है।

2013-14 और 2019-20 के बीच निफ्टी-50 में 28 फीसदी का इजाफा हुआ जबकि बीएसई पीएसयू इंडेक्स में 30 फीसदी की गिरावट आई। यह अंतर अब दूर हो गया है, जिसकी वजह बीएसई पीएसयू इंडेक्स में मार्च 2020 के बाद हुई पांच गुनी बढ़ोतरी है। इस अवधि में निफ्टी-50 में 2.75 गुने का इजाफा हुआ है।

ऐसे उम्दा प्रदर्शन के कारण सरकारी स्वामित्व वाले उपक्रमों की हिस्सेदारी कुल बाजार पूंजीकरण में सुधरी है। मार्च 2014 में यह 20.8 फीसदी था जो मार्च 2020 में गिरकर एक अंक में रह गया था और अभी करीब 18 फीसदी है।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का बाजार पूंजीकण 2023-24 में काफी तेजी से बढ़कर 389 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 14 में 69 लाख करोड़ रुपये था और अभी करीब 440 लाख करोड़ रुपये है।

वित्त वर्ष 14 और वित्त वर्ष 24 के दौरान पीएसयू का मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 66 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। प्राइवेट सेक्टर का मार्केट कैप 55 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 323 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हालिया उम्दा प्रदर्शन पीएसयू कंपनियों की आय में मजबूत वृद्धि के अनुरूप आया है।

भारतीय पीएसयू पर अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा है कि वित्त वर्ष 2018-19 से वित्त वर्ष 24 तक पीएसयू की आय में सालाना आय में 33.8 फीसदी चक्रवृद्धि के हिसाब से इजाफा हुआ और उसने निजी क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया, जहां इस दौरान सालाना 18.6 फीसदी चक्रवृद्धि की रफ्तार से बढ़ोतरी हुई थी।

लाभ में भी पीएसयू की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 24 में 36 फीसदी पर पहुंच गई जो हाल के वर्षों में 17 से 39 फीसदी के बीच झूल रही थी। इसके अतिरिक्त पीएसयू की वित्त वर्ष 24 में आय में सालाना आधार पर 45 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई।

बाजार पर नजर रखने वालों ने कहा कि ज्यादातर पीएसयू देसी साइक्लिकल के क्षेत्र मे हैं। यह ऐसा क्षेत्र है जो भारत की आर्थिक वृद्धि और कई सरकारी पहल की उम्मीदों के साथ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बुनियादी ढांचे और पूंजीगत खर्च पर सरकार के जोर (जिसमें महामारी के बाद तेजी आई है) के साथ-साथ अच्छी बैलेंस शीट, गवर्नेंस में सुधार, कमोडिटी में मार्जिन की गुंजाइश और ऑर्डर बुक में इजाफा ऐसी बातें हैं जिन्होंने पीएसयू के उम्दा प्रदर्शन और दोबारा रेटिंग को सहारा दिया है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में पीएसयू के लाभ में इजाफे की संभावना है, खास तौर से देसी व वैश्विक साइक्लिकल क्षेत्र में, जिससे आय और एमकैप में उनके योगदान में और भी मजबूती आएगी।

Advertisement
First Published - June 23, 2024 | 8:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement