निजी इक्विटी निवेश मार्च तिमाही में 75.4 प्रतिशत घटकर 2.2 अरब डॉलर रहा। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के प्रतिकूल रहने के बीच लगातार छठी तिमाही में गिरावट हुई है।
वित्तीय आंकड़े मुहैया कराने वाली कंपनी रिफिनिटिव ने एक रिपोर्ट में बताया कि 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर के पूंजी प्रवाह के साथ यह 2018 के बाद देश में सबसे कम निजी इक्विटी निवेश है।
रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट-आधारित और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनियों ने निजी इक्विटी पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा आकर्षित किया। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इनकी हिस्सेदारी 75 फीसदी से घटकर 58 फीसदी रह गई। ऐसा मुख्य रूप से कम सौदों के कारण हुआ।
बाजार में अनिश्चितता के साथ, निजी इक्विटी निवेश हासिल करने की गतिविधियां भी 2022 की पहली तिमाही की तुलना में इस साल 41 प्रतिशत घट गईं। दूसरी ओर 2022 की अंतिम तिमाही के मुकाबले इसमें 45 प्रतिशत गिरावट देखी गई।