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चीनी कंपनियों की एंट्री की आशंका से बिजली उपकरण कंपनियों के शेयरों में दबाव, दो दिन में भारी गिरावट

वर्ष 2020 से पहले, भारत ने चीन की कंपनियों को सरकारी निविदाओं में स्वतंत्र रूप से भाग लेने और स्वत: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के ​जरिये निवेश करने की अनुमति दी

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निकिता वशिष्ठ   
Last Updated- January 11, 2026 | 9:48 PM IST

बिजली उपकरण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार (9 जनवरी) को दूसरे दिन भी अफरा-तफरी वाली बिकवाली जारी रही क्योंकि इन कंपनियों की वृद्धि से जुड़ी संभावनाओं को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

निवेशक हिताची एनर्जी, सीजी पावर, सीमेंस एनर्जी और जीई वेर्नोवा टीऐंडडी के शेयर बेच रहे हैं क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि सरकार चीनी कंपनियों को सरकारी अनुबंधों के लिए बोली लगाने की अनुमति दे सकती है खासतौर पर बुनियादी ढांचा क्षेत्र, बिजली और विनिर्माण क्षेत्र में। हालांकि, सरकार या किसी भी कंपनी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। गुरुवार को 5.8 प्रतिशत की गिरावट के बाद हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर की कीमत 3.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन के आखिर में बंद हुई।

इसी तरह, जीई वेर्नोवा टीऐंडडी के शेयर 3.5 प्रतिशत गिर गए और दो दिनों में कुल गिरावट 7.9 प्रतिशत रही। सीजी पावर ऐंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के शेयर 2.8 प्रतिशत गिरे (दो दिनों में 6.4 प्रतिशत की गिरावट) जबकि सीमेंस एनर्जी इंडिया 4.8 प्रतिशत गिरे (दो दिनों में 7.6 प्रतिशत की गिरावट)। एलऐंडटी के शेयर शुक्रवार को मामूली रूप से गिरे हालांकि इसे दो दिनों में 3 प्रतिशत का नुकसान हुआ।

हालांकि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स के शेयर सप्ताह के आखिर में 1 फीसदी की बढ़त के साथ दिन के आखिरी सत्र में बंद हुए लेकिन इसका दो दिनों का नुकसान 9.5 फीसदी रहा।

बिजली उपकरण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को नुकसान हो रहा है क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय, सरकारी अनुबंधों के लिए बोली लगाने वाली चीन की कंपनियों पर 2020 के खरीद प्रतिबंधों को वापस लेने पर विचार कर रहा है।

वर्ष 2020 से पहले, भारत ने चीन की कंपनियों को सरकारी निविदाओं में स्वतंत्र रूप से भाग लेने और स्वत: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के ​जरिये निवेश करने की अनुमति दी। 

First Published : January 11, 2026 | 9:46 PM IST