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अमेरिकी राजदूत के बयान से लौटी बाजार में जान, सेंसेक्स 302 अंक चढ़ा; निफ्टी 25,790 पर बंद

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से 0.9 फीसदी गिर गया था। लेकिन दिन के निचले स्तर से 1,017 अंक (1.33 फीसदी ) बढ़कर 83,878 पर बंद हुआ

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 12, 2026 | 9:45 PM IST

भारत में अमेरिका के राजदूत की टिप्पणियों से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर पैदा हुई उम्मीदों और शॉर्ट-कवरिंग के कारण सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क- सेंसेक्स और निफ्टी- में लगातार पांच दिनों से हो रही गिरावट थम गई।

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से 0.9 फीसदी गिर गया था। लेकिन दिन के निचले स्तर से 1,017 अंक (1.33 फीसदी ) बढ़कर 83,878 पर बंद हुआ। इस तरह इसमें 302 अंकों (0.4 फीसदी) की वृद्धि हुई। निफ्टी 107 अंकों (0.4 फीसदी) की बढ़त के साथ 25,790 पर बंद हुआ।

दोनों सूचकांक पिछले सप्ताह 2.5 प्रतिशत गिर गए थे जो 26 सितंबर, 2025 के बाद उनकी सबसे तेज साप्ताहिक गिरावट थी। इसकी वजह से भारी शॉर्ट पोजीशन बन गईं थीं, जो आज अमेरिका के नई दिल्ली में नए राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणियों के बाद समाप्त हो गईं।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 1 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारत का वीआईएक्स 4 फीसदी बढ़कर 11.4 पर पहुंच गया, जो 1 दिसंबर, 2025 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी वृद्धि है।

गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं और मंगलवार को महत्त्वपूर्ण बातचीत होने वाली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की दोस्ती सच्ची है। उन्होंने कहा, सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं लेकिन वे हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।

उनकी यह टिप्पणी ट्रंप की टैरिफ चेतावनी और रूस के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े देशों, जिनमें भारत शामिल है, से आयात पर 500 फीसदी तक शुल्क लगाने वाले अमेरिकी विधेयक के बाद आई है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, व्यापार समझौते पर सकारात्मक टिप्पणियों के चलते बाजार में उछाल आई और मजबूत तीसरी तिमाही के नतीजों और मांग में सुधार की उम्मीदों के बीच कमोडिटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई ने सेंसेक्स में बढ़त की अगुआई की। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा, जिस में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले उसे 7.3 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट का सामना करना पड़ा था जो 4 अक्टूबर 2024 के बाद उसमें सबसे बड़ी गिरावट थी।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा, जहां 2,837 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,468 शेयरों में बढ़त हुई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 3,638 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थानों ने 5,839 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, आगे चलकर निफ्टी को 50-दिवसीय ईएमए (25,890-25,920) पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। 25,920 से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट 26,100+ तक की तीव्र बढ़त ले सकती है। दूसरी ओर, 100-दिवसीय ईएमए (25,650-25,620) पर समर्थन मौजूद है।

First Published : January 12, 2026 | 9:45 PM IST