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अब केवल पैसा नहीं, देश चुन रहे हैं अमीर! जानिए कहां जा रहे हैं करोड़पति

दुनिया भर में अमीर परिवार तेजी से देश बदल रहे हैं। यूएई, सऊदी अरब, यूरोप, अमेरिका और सिंगापुर जैसे देश रेजिडेंसी और नागरिकता योजनाओं के जरिए उन्हें आकर्षित कर रहे हैं

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सुनयना चड्ढा   
Last Updated- January 15, 2026 | 11:49 AM IST

Millionaire Migration: आज के समय में अमीर लोगों के लिए वेल्थ प्लानिंग सिर्फ शेयर, प्रॉपर्टी या टैक्स बचाने तक सीमित नहीं रह गई है। अब एक अहम सवाल यह भी है कि परिवार कानूनी रूप से किस देश में रहेगा और इसका क्या फायदा होगा। 2026 को लेकर आई ग्लोबल रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमीर परिवार बड़ी संख्या में एक देश से दूसरे देश में शिफ्ट हो रहे हैं। यह बदलाव घूमने या बेहतर लाइफस्टाइल के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह सोच समझकर लिया गया फैसला है, जिसे अब रणनीतिक स्थानांतरण माना जा रहा है।

क्यों तेजी से बढ़ रही है Millionaire Migration

Henley and Partners के मुताबिक, आज अमीर परिवारों के लिए किस देश में रहना है और उसकी नागरिकता लेनी है, यह फैसला उतना ही जरूरी हो गया है जितना पैसा कहां लगाना है। इससे तय होता है कि निवेश के मौके कहां मिलेंगे, टैक्स कितना देना पड़ेगा, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य कैसा होगा, और देश की राजनीति या अर्थव्यवस्था बिगड़ने पर कितनी सुरक्षा मिलेगी। सीधे शब्दों में कहें तो अब परिवार सिर्फ पासपोर्ट नहीं, बल्कि अपनी पूरी आवाजाही और भविष्य की योजना बना रहे हैं।

यूएई बना अमीरों की पहली पसंद

यूएई आज अमीर लोगों के लिए सबसे पसंदीदा देश बन गया है। इसकी वजह है स्थिर नियम, खुला बिजनेस माहौल और टैक्स न लगना। यूएई का गोल्डन वीजा निवेश करने वालों, बिजनेस करने वालों और खास काम की स्किल रखने वालों को लंबे समय तक रहने की अनुमति देता है। यहां न तो कमाई पर टैक्स है और न ही संपत्ति पर टैक्स। मजबूत कानून, अच्छी सड़कें और इमारतें, और आसान वीजा नियम यूएई को अमीरों का बड़ा ठिकाना बना रहे हैं।

सऊदी अरब भी बन रहा है नया मजबूत विकल्प

सऊदी अरब भी अब अमीर लोगों के लिए तेजी से नया ठिकाना बन रहा है। Vision 2030 योजना के तहत देश तेल पर निर्भरता कम करके टूरिज्म, मनोरंजन और हरित ऊर्जा जैसे कामों पर ध्यान दे रहा है। सऊदी का प्रीमियम रेजिडेंसी कानून निवेश करने, बिजनेस शुरू करने, खास हुनर रखने या प्रॉपर्टी खरीदने पर लंबे समय तक रहने की इजाजत देता है। इसमें परिवार को साथ रखने, बैंक खाता खोलने, बच्चों की पढ़ाई और इलाज की सुविधा भी मिलती है, जिससे सऊदी अमीर लोगों को लंबे समय के लिए अपने यहां बसाना चाहता है।

यूरोप अब भी सुरक्षा और भविष्य का भरोसा

यूरोप आज भी अमीर परिवारों को पसंद आता है, क्योंकि यहां अच्छी जिंदगी के साथ भविष्य की सुरक्षा और घूमने की आजादी मिलती है। पुर्तगाल का गोल्डन वीजा कम निवेश में रहने, काम करने और पढ़ाई की सुविधा देता है और कुछ साल बाद नागरिकता लेने का मौका भी देता है। ग्रीस में कम पैसे में रेजिडेंसी मिल जाती है और वहां नागरिकता पाने के लिए लंबे समय तक रहना जरूरी नहीं होता। वहीं इटली और स्विट्जरलैंड जैसे देश स्थिर माहौल, प्राइवेसी और लंबे समय के भरोसे के लिए जाने जाते हैं।

अमेरिका में अब भी बड़े मौके

कड़े इमिग्रेशन नियम होने के बाद भी अमेरिका आज अमीर परिवारों के लिए बड़े मौके वाला देश बना हुआ है। EB-5 वीजा के तहत निवेश करने पर वहां स्थायी रूप से रहने का रास्ता मिल सकता है। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, बड़े बाजार और अच्छे कॉलेज-यूनिवर्सिटी तक पहुंच मिलती है। दिसंबर 2025 में शुरू हुआ ट्रंप गोल्ड कार्ड भी अमीर लोगों को जल्दी रेजिडेंसी देने का एक नया तरीका है, हालांकि इसमें कड़ी जांच होती है।

एशिया पैसिफिक में स्थिरता और भरोसा

एशिया पैसिफिक इलाके में सिंगापुर अमीर परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद देश माना जाता है। यहां सरकार और अर्थव्यवस्था स्थिर है, बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई, बेहतर इलाज और निवेश के अनुकूल टैक्स सिस्टम मिलता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया ऐसे लोगों को स्थायी निवास देता है जिनमें खास काबिलियत या प्रतिभा हो, जहां पैसे से ज्यादा व्यक्ति की योग्यता को महत्व दिया जाता है।

First Published : January 15, 2026 | 11:49 AM IST