facebookmetapixel
Advertisement
Retirement Planning: पहली सैलरी आए तभी से शुरू कर दें बुढ़ापे की तैयारी, बाद में भारी पड़ सकती है अनदेखीDividend Stocks: शेयर बाजार में 10 से 14 अगस्त तक डिविडेंड की बारिश, 90 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफाE20 विवाद के बीच सरकारी तेल कंपनियों का दावा: ईंधन पूरी तरह सुरक्षित, ना घट रही माइलेज ना हो रहा नुकसानरूसी तेल खरीदने पर 100% टैरिफ, अमेरिकी सीनेट में पास हुआ विधेयक; भारत-चीन को खतराविधानसभा उपचुनावों में 17 सालों से सत्ता पक्ष का रहा है दबदबा, 53% सीटों पर हासिल की जीतबिहार में शराबबंदी से नहीं थमा महिलाओं के खिलाफ अपराध, पर राज्य में बढ़ा अवैध शराब का कारोबारभारतीय मीडिया उद्योग में तीन गुना बढ़ने की क्षमता, नियमों के शिकंजे से मिले आजादी: सुभाष चंद्राफाइनेंशियल सेक्टर में AI को अपनाने के साथ सुरक्षा भी बढ़ानी होगी, नुकसान का न करें इंतजार: CEA नागेश्वरन‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासा

Nifty: दिग्गजों ने लगातार तीसरे दिन निफ्टी को नीचे खींचा

Advertisement

ये तीनों शेयर एक फीसदी से ज्यादा टूटे और इंडेक्स के नुकसान में इनकी हिस्सेदारी ज्यादा रही।

Last Updated- May 07, 2024 | 9:52 PM IST
Nifty Outlook

बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी फिसल गया। गिरावट की एक बड़ी वजह इंडेक्स के दिग्गज एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक रहे। ये तीनों शेयर एक फीसदी से ज्यादा टूटे और इंडेक्स के नुकसान में इनकी हिस्सेदारी ज्यादा रही।

करीब 22,500 को छूने के बाद निफ्टी 140 अंक टूटकर 22,302.5 अंक पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 384 अंकों की गिरावट के साथ 73,512 पर टिका। व्यापक बाजारों में गिरावट और भी ज्यादा रही और निफ्टी मिडकैप 100 करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ 49,664 पर बंद हुआ जो 13 मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है।

गुरुवार को 51,115 अंकों की रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद से यह इंडेक्स करीब 3 फीसदी नीचे आया है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.9 फीसदी टूटकर 16,367 पर बंद हुआ जो 13 मार्च के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है क्योंकि तब यह 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया था।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि पिछले हफ्ते बाजार नई ऊंचाई पर पहुंचा था। लेकिन चुनाव को लेकर अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज कटौती को लेकर संशय के कारण मुनाफावसूली हो ने लगी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि बाजार उच्चस्तर पर प्रतिरोध का सामना कर रहा है।

इससे संकेत मिलता है कि जैसे-जैसे नतीजों का सीजन और लोक सभा चुनाव आगे बढ़ रहे हैं, निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ती जा रही है। हमें चुनाव के नतीजों तक उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। ऐसे में बाजार तब तक व्यापक दाये में बना रहेगा जब तक कि स्पष्टता नहीं सामने आ जाती।

इस बीच, रियल्टी व इन्फ्रा कंपनियों के शेयर भारतीय रिजर्व बैंक के प्रस्तावित नियमों की चिंता से आज और टूटे। रिजर्व बैंक ने परियोजनाओं के वित्त पोषण को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव किया है। विश्लेषकों ने कहा कि इस बात को लेकर चिंता है कि अगर नए नियम लागू हुए तो बैंक परियोजनाओं के लिए वित्त ऋण का कम कर देंगे। बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में बीएसई रियल्टी सबसे ज्यादा 3.4 फीसदी टूटा।

इसके बाद बीएसई यूटिलिटीज का स्थान रहा जिसमें 2.9 फीसदी की गिरावट आई। जेएसडब्ल्यू एनर्जी 6.1 फीसदी, प्रेस्टीज 5.8 फीसदी और जीएमआर इन्फ्रा 5.2 फीसदी टूटा और ये शेयर निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज करने वाले रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी व एफएमसीजी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों के सूचकांक नुकसान के साथ बंद हुए। मैरिको व गोदरेज कंज्यूमर की अच्छी आय के चलते बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स 1.8 फीसदी चढ़ा। सेंसेक्स के शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा 5.5 फीसदी चढ़ा। इसके बाद टेक महिंद्रा (2.4 फीसदी) और नेस्ले इंडिया (2.1 फीसदी) का स्थान रहा। पावर ग्रिड और इंडसइंड बैंक सबसे ज्यादा टूटे और इनमें 3-3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा और 1,084 शेयर चढ़े जबकि 2,738 में गिरावट आई। बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों का बाजार पूंजीकरण तीन कारोबारी सत्रों में करीब 10 लाख करोड़ रुपये घटने के बाद 398.4 लाख करोड़ रुपये रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक 3,669 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे, वहीं देसी संस्थागत निवेशकों ने 2,304 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Advertisement
First Published - May 7, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement