facebookmetapixel
Advertisement
वैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडरकोटक बैंक ने सावधि जमा धोखाधड़ी मामले में दर्ज की शिकायत

Nifty-500 में रिकॉर्ड मुनाफा, लेकिन निफ्टी-100 क्यों पीछे?

Advertisement

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने एक साल में 27% और 37% की जबरदस्त कमाई बढ़त दिखाई, जबकि निफ्टी-100 सिर्फ 10% पर अटका रहा

Last Updated- November 21, 2025 | 11:57 AM IST
Stock Market

पिछले एक साल में शेयर बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Nifty-500 कंपनियों की कमाई पिछले पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा बढ़ी है। यह बढ़त खास तौर पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों की वजह से हुई है। मिड-कैप कंपनियों की कमाई 27% बढ़ी, जबकि स्मॉल-कैप कंपनियों की कमाई 37% बढ़ी, जो बड़ी कंपनियों की तुलना में कहीं ज्यादा है। इसके मुकाबले Nifty-100 (बड़ी कंपनियों) की कमाई सिर्फ 10% ही बढ़ी। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक बड़े शेयर कमजोर रहे, लेकिन छोटे और मझोले शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। बाजार में उतार-चढ़ाव और कम मांग के बावजूद छोटे शेयरों का प्रदर्शन बहुत मजबूत रहा।

किन सेक्टरों ने कमाई को रफ्तार दी?

इस तिमाही में कैपिटल गुड्स, तेल और गैस, मेटल, एनबीएफसी और टेलिकॉम जैसे सेक्टरों ने बाजार को संभालने में बड़ी मदद की। सीमेंट सेक्टर की कमाई 211% बढ़ीं, जो लगातार दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन है। टेलिकॉम कंपनियों ने भी अच्छा मुनाफा कमाया। पिछले साल जहां नुकसान हुआ था, इस बार फायदा हुआ है। रिटेल कंपनियों को त्योहारों की वजह से ज्यादा बिक्री मिली और रियल एस्टेट कंपनियों की भी अच्छी बिक्री और कमाई हुई। दूसरी ओर, ऑटो उद्योग में एक बड़े पैसेंजर व्हीकल निर्माता की कमजोरी ने पूरे सेक्टर को नुकसान पहुंचाया।। प्राइवेट बैंकों की कमाई भी कम रही, जिसकी वजह से निफ्टी-100 का प्रदर्शन कमजोर पड़ गया।

यह भी पढ़ें: Stock Market Update: लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक गिरा; निफ्टी 26150 के नीचे

मार्जिन और कमाई का संतुलन क्या बता रहा है?

हालांकि कंपनियों पर खर्च का दबाव बढ़ रहा है, फिर भी उनका EBITDA मार्जिन बेहतर हुआ है। बीएफएसआई को छोड़कर बाकी कंपनियों का मार्जिन 120 बेसिस पॉइंट बढ़ा है। लेकिन अगर मेटल और तेल-गैस जैसे कमोडिटी सेक्टरों को अलग कर दें, तो बाकी सेक्टरों का मार्जिन थोड़ा कम हुआ है। इसका मतलब यह है कि मार्जिन में जो मजबूती दिख रही है, वह ज्यादातर सिर्फ कुछ चुनिंदा सेक्टरों की वजह से है। सभी उद्योगों में यह सुधार बराबर दिखाई नहीं दे रहा।

Nifty के छह महीने का नतीजा क्या कहता है?

FY26 की पहली छमाही में निफ्टी-500 इंडेक्स की कमाई 12 प्रतिशत बढ़ी है। मिड-कैप कंपनियों ने 23 प्रतिशत की बढ़त दिखाई, जबकि स्मॉल-कैप कंपनियां 19 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहीं। बड़ी कंपनियां सबसे पीछे रहीं और उनकी कमाई सिर्फ 9% बढ़ी। यह भी खास बात है कि निफ्टी-500 की लगभग आधी कंपनियों ने 15% से ज्यादा मुनाफा कमाया, जबकि बहुत कम कंपनियों की कमाई 15% से ज्यादा घटी।

यह भी पढ़ें: 2026 के अंत तक 94,000 पर पहुंचेगा सेंसेक्स, भारतीय शेयर बाजार फिर से आकर्षक: HSBC

Nifty मिड और स्मॉल-कैप शेयर इतने महंगे क्यों हो गए हैं?

कमाई अच्छी होने के बावजूद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों की कीमतें उनके पुराने औसत के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। नवंबर 2025 में निफ्टी मिडकैप-100 का पी/ई करीब 29 गुना है, जो उसके लंबे समय के औसत से बहुत ऊपर है। स्मॉल-कैप इंडेक्स का पी/ई भी अपने पुराने औसत से काफी ज्यादा है। इसके मुकाबले निफ्टी-50 का वैल्यूएशन लगभग सामान्य है। इसका मतलब यह है कि छोटे और मझोले शेयरों में कीमतें कमाई से ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं, जिससे आगे चलकर निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

उभरते रुझान बाजार किस दिशा में जा रहा है?

रिपोर्ट बताती है कि बाजार में इस समय तीन बड़े बदलाव हो रहे हैं। पहला, बड़ी कंपनियों की जगह अब छोटे और मझोले शेयर ज्यादा कमाई दिखा रहे हैं और आगे निकल रहे हैं। दूसरा, तेल-गैस, मेटल, सीमेंट और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टरों की फिर से वापसी हो रही है और ये सेक्टर इस तिमाही में बहुत अच्छी कमाई कर रहे हैं। तीसरा, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भले ही तेजी दिख रही है, लेकिन उनकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इसलिए निवेशकों को सावधानी से कदम रखना चाहिए। कमाई अच्छी है, लेकिन ये शेयर अब बहुत महंगे होते जा रहे हैं, जिससे आगे जोखिम बढ़ सकता है।

Advertisement
First Published - November 21, 2025 | 11:57 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement