facebookmetapixel
Advertisement
Market Outlook: अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल के दाम और FIIs की खरीद-बिक्री से तय होगी शेयर बाजार की चालUpcoming IPO: IPO मार्केट में फिर लौटी रौनक! अगले हफ्ते खुलेंगे 3 बड़े मेनबोर्ड IPO, JIO-NSE भी तैयारी मेंशेयर बाजार में रौनक: टॉप-10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.15 लाख करोड़ बढ़ा, एयरटेल रही सबसे आगेहोर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा कदम: रूस से रिकॉर्ड तोड़ तेल आयात, UAE से भी जमकर खरीदारीवैश्विक तनाव के बीच आर्थिक हालातों की समीक्षा करेगी स्टैंडिंग कमेटी, RBI ने जताया है सुस्ती का अनुमान1250% का मोटा डिविडेंड! प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेमौसम का डबल अटैक: कहीं भारी बारिश व आंधी-तूफान का अलर्ट, तो कहीं अभी और सताएगी भीषण गर्मीसोने-चांदी की मंदी पर ‘Rich Dad, Poor Dad’ के लेखक की बड़ी सलाह: कीमत नहीं, हालात देखकर करें निवेश‘योग बना दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव’, कोलकाता में बोले PM मोदी: उम्र बढ़े पर कम न हो ऊर्जाकिसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

निफ्टी-50 में गिरावट थमी

Advertisement

शेयर बाजारों में बुधवार को एक माह की सबसे बड़ी एक दिवसीय उछाल दर्ज हुई। इससे निफ्टी में रिकॉर्ड 10 दिन से चली आ रही गिरावट थामने में मदद मिली।

Last Updated- March 05, 2025 | 11:17 PM IST
Stock Market today
प्रतीकात्मक तस्वीर

शेयर बाजारों में बुधवार को एक माह की सबसे बड़ी एक दिवसीय उछाल दर्ज हुई। इससे निफ्टी में रिकॉर्ड 10 दिन से चली आ रही गिरावट थामने में मदद मिली। सूचकांक 1.2 फीसदी चढ़कर 22,337 पर पहुंच गया जिसे भारी गिरावट के बाद हुई चौतरफा खरीदारी और वैश्विक बाजार की धारणा में सुधार से सहारा मिला।

सेंसेक्स भी 1.01 फीसदी की बढ़त के साथ 73,730 पर बंद हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध फर्मों का कुल बाजार पूंजीकरण 8 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 393 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारत का बाजार पूंजीकरण 2025 में अभी तक 49 लाख करोड़ रुपये कम है।
पिछले कारोबारी सत्र में दोनों ही सूचकांक अपने नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। आज की तेजी व्यापार तनाव में नरमी की उम्मीदों और लगातार नुकसान के बाद खरीदारी के कारण देखने को मिली।

अमेरिकी वित्त मंत्री हावर्ड लटनिक ने संकेत दिया कि कनाडा और मेक्सिको के खिलाफ शुल्क की आंशिक वापसी हो सकती है। चीन के अधिकारियों ने भी अमेरिका के साथ बढ़ते कारोबारी तनाव के असर को कम करने के लिए प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की। धातु क्षेत्र के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई और निफ्टी मेटल इंडेक्स 4 फीसदी चढ़ा।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार चीन द्वारा अपने इस्पात उद्योग का पुनर्गठन करने तथा उत्पादन में कटौती करने के निर्णय से भारतीय बाजार में सस्ते इस्पात की डंपिंग में कमी आने की उम्मीद है जिससे घरेलू इस्पात कंपनियों को लाभ होगा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशको की बिकवाली जारी रही और बुधवार को उनकी शुद्ध निकासी 2,895 करोड़ रुपये रही जबकि देसी संस्थानों ने 3,371 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। निवेशक इस बढ़त के बने रहने को लेकर सतर्क रहे और इसके लिए अमेरिकी व्यापार शुल्कों को लेकर चिंता और कंपनियों के लाभ में कमी का हवाला दिया।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्र ने ट्रेडरों को सलाह दी कि वे एक दिवसीय उछाल में बहुत ज्यादा संकेत न खोजें और अगली पुष्टि के लिए प्रतीक्षा करें। उन्होंने कहा, हम शेयर विशेष के चयन का तरीका अपनाए हुए हैं, जहां हमें बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के अलावा धातु कंपनियों के शेयर लॉन्ग ट्रेड के लिए पसंद हैं, वहीं अन्य क्षेत्रों के लिए हमारा रुख चयनात्मक है।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा और 3,220 शेयर चढ़े जबकि 806 में गिरावट आई। तकनीकी विश्लेषकों ने कहा कि अगर रिकवरी जारी रहती है तो निफ्टी को 22,500-22,700 पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।

Advertisement
First Published - March 5, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement