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NFO: इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में कमाई का मौका! Motilal Oswal का नया फंड लॉन्च; सिर्फ ₹500 से निवेश शुरू

यह NFO 23 अप्रैल से ही सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। निवेशक 7 मई 2025 तक इस न्यू फंड ऑफर (NFO) में पैसा लगा सकते हैं।

Last Updated- April 24, 2025 | 2:33 PM IST
Kotak Yield & Growth Fund

NFO Alert: म्युचुअल फंड की नई स्कीम में पैसा लगाने का विकल्प तलाश रहे निवेशकों के लिए अच्छी खबर हैं। म्युचुअल फंड हाउस मोतीलाल ओसवाल ने इंफ्रास्ट्रक्चर थीम पर आधारित एक नया NFO पेश किया है। इस नई स्कीम का नाम मोतीलाल ओसवाल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (Motilal Oswal Infrastructure Fund) है। यह एक ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम हैं। यह NFO 23 अप्रैल से ही सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। निवेशक 7 मई 2025 तक इस न्यू फंड ऑफर (NFO) में पैसा लगा सकते हैं।

Motilal Oswal NFO: ₹500 से शुरू कर सकते हैं निवेश

मोतीलाल ओसवाल के इस न्यू फंड ऑफर (NFO) में निवेशक मिनिमम ₹500 से निवेश शुरू कर सकते हैं, और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं। इस NFO में SIP के माध्यम से भी निवेश करने की सुविधा है। इस स्कीम का बेंचमार्क NIFTY Infrastructure TRI है। इस स्कीम में कोई लॉक इन पीरियड नहीं है। हालांकि निवेशकों को एग्जिट लोड के नियमों को ध्यान में रखने की जरूरत है…

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एग्जिट लोड के नियम

यदि आवंटन तिथि से 3 महीने के भीतर रिडेम्पशन किया जाता है, तो लागू एनएवी (NAV) का 1% शुल्क लगेगा। यदि निवेशक तीन महीने के बाद अपना पैसा निकालते हैं तो उनसे कोई एग्जिट लोड फीस नहीं लिया जाएगा।

Motilal Oswal NFO: क्या है निवेश की स्ट्रैटेजी?

फंड हाउस के मुताबिक, भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वृद्धि और विकास से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़ी, या इससे लाभ की संभावना रखने वाली कंपनियों में इक्विटी या इक्विटी से संबंधित निवेश के माध्यम से रिटर्न उत्पन्न करना है।

MOAMC के इंटरनल रिसर्च के अनुसार, सरकार का कुल व्यय FY25RE में सालाना आधार पर 6.1% और FY26BE में 7.4% बढ़ने का अनुमान है। वहीं FY26BE में पूंजीगत व्यय कुल सरकारी खर्च का 22.1% रहने का बजट अनुमान है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने FY13-19 में लगभग ₹57 लाख करोड़ की तुलना में FY20-25 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आवंटन बढ़ाकर लगभग ₹111 लाख करोड़ कर दिया है।

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इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में कमाई का मौका!

मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के MD और CEO प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ तेजी पकड़ रही है। मोतीलाल ओसवाल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड निवेशकों को इस परिवर्तन में सीधे भाग लेने का अवसर प्रदान करता है, जिसका लक्ष्य दीर्घकालिक मूल्य निर्माण है। जैसे-जैसे सड़कों, रेलवे, एनर्जी, शहरी, सामाजिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय बढ़ रहा है, हमें विश्वास है कि यह फंड भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास यात्रा में भाग लेने का एक आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है।”

Motilal Oswal NFO: कहां करेगी निवेश?

स्कीम इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के अनुसार, इस फंड में न्यूनतम 80% निवेश उन इक्विटी और इक्विटी से संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाएगा, जो भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वृद्धि और विकास से जुड़े हैं या उनसे लाभान्वित होने की संभावना रखते हैं। इसमें विदेशी प्रतिभूतियां (Foreign Securities) भी शामिल होंगी, जिनमें ओवरसीज म्युचुअल फंड स्कीम्स/ ओवरसीज ईटीएफ की इकाइयां भी होंगी, जो नियामकीय सीमा के अधीन होंगी।

शेष अधिकतम 20% निवेश अन्य कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स, म्युचुअल फंड की यूनिट्स, लिक्विड स्कीम्स की यूनिट्स, REITs, InvITs, डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में किया जा सकता है।

इंस्ट्रूमेंट न्यूनतम आवंटन (%) अधिकतम आवंटन (%)
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वृद्धि और विकास से जुड़ी या उससे लाभान्वित होने वाली कंपनियों के इक्विटी और उससे संबंधित इंस्ट्रूमेंट 80% 100%
उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य कंपनियों के इक्विटी और उससे संबंधित इंस्ट्रूमेंट 0% 20%
डेट और मनी मार्केट उपकरण (कैश और कैश समकक्ष सहित) 0% 20%
REITs और InvITs की इकाइयां 0% 10%
म्युचुअल फंड्स की इकाइयां 0% 5%

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Motilal Oswal NFO: किसे करना चाहिए निवेश?

फंड हाउस के मुताबिक, यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर साबित हो सकती है जो लॉन्ग टर्म में कैपिटल ग्रोथ (long-term capital appreciation) हासिल करना चाहते हैं। इसके साथ ही वे NIFTY Infrastructure TRI में शामिल शेयरों कंपनियों के पोर्टफोलियो में निवेश करना चाहते हैं जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ का फायदा उठा सकती है। रिस्कोमीटर पर इस स्कीम को हाई रिस्क की कैटेगरी में रखा गया है।

फंड का प्रबंधन अजय खंडेलवाल (फंड मैनेजर – इक्विटी), अतुल मेहरा (फंड मैनेजर – इक्विटी), भालचंद्र शिंदे (एसोसिएट फंड मैनेजर – इक्विटी), राकेश शेट्टी (फंड मैनेजर – डेट) और सुनील सावंत (फंड मैनेजर – ओवरसीज सिक्योरिटीज) द्वारा किया जाएगा। यह फंड दोनों विकल्पों IDCW (IDCW पेआउट और IDCW रीइनवेस्टमेंट) और ग्रोथ ऑप्शन दोनों में उपलब्ध है।

(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार के जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published - April 24, 2025 | 8:41 AM IST

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