म्युचुअल फंड

PSU Banks पर म्युचुअल फंड्स बुलिश, जनवरी में निवेश 3 साल के हाई पर; SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सालाना आधार पर देखें तो यह निवेश जनवरी 2025 के 2.8% से 90 बेसिस प्वाइंट बढ़ा है, जो सरकारी बैंकों में MFs के मजबूत होते भरोसे और सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत देता है

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अंशु   
Last Updated- February 17, 2026 | 5:22 PM IST

म्युचुअल फंड्स ने जनवरी में सरकारी बैंकों (PSU Banks) पर भरोसा बढ़ाते हुए इनमें निवेश तेज कर दिया है। इसका नतीजा यह रहा कि इन बैंकों में उनकी हिस्सेदारी तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का आवंटन बढ़कर 3.7 फीसदी हो गया, जो अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 3.4 फीसदी पर स्थिर था। इस तरह मासिक आधार पर इसमें 30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सालाना आधार पर देखें तो यह निवेश जनवरी 2025 के 2.8 फीसदी से 90 बेसिस प्वाइंट बढ़ा है, जो सरकारी बैंकों में म्युचुअल फंड्स के मजबूत होते भरोसे और सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत देता है।

PSU बैंकों में MFs की हिस्सेदारी 3 साल के हाई पर

जनवरी 2024 में PSU बैंकों में निवेश करीब 3.2 फीसदी था। फरवरी 2024 में यह बढ़कर 3.5 फीसदी हो गया, जो उस समय का सबसे ऊंचा स्तर था। इसके बाद निवेश में गिरावट आई और सितंबर 2024 में यह घटकर लगभग 2.6 फीसदी रह गया।

जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच निवेश ज्यादातर 2.8 फीसदी से 2.9 फीसदी के बीच स्थिर रहा। सितंबर 2025 से फिर से बढ़त शुरू हुई। सितंबर 2025 में यह 3.3 फीसदी तक पहुंच गया।

नवंबर और दिसंबर 2025 में निवेश और बढ़ा। आखिर में जनवरी 2026 में PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का निवेश 3.7 फीसदी हो गया। यह तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है।

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प्राइवेट बैंकों में MFs की हिस्सेदारी 8 महीने के हाई पर

जनवरी 2026 में प्राइवेट बैंकों में म्युचुअल फंड्स निवेश की हिस्सेदारी बढ़कर 18.2 फीसदी हो गई, जो आठ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। इसमें मासिक आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 110 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में म्युचुअल फंड्स ने प्राइवेट और पीएसयू बैंकों, यूटिलिटीज, टेक्नोलॉजी, कैपिटल गुड्स, मेटल्स और सीमेंट सेक्टर में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिससे इन सेक्टरों में उनकी हिस्सेदारी मासिक आधार पर बढ़ी। इसके उलट, कंज्यूमर, ऑयल एंड गैस, ऑटो, हेल्थकेयर, एनबीएफसी, टेलीकॉम, रिटेल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में उनकी हिस्सेदारी में मासिक आधार पर कमी देखी गई।

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SBI स्टॉक की सबसे ज्यादा बढ़ी वैल्यू

रिपोर्ट के अनुसार, SBI, उन टॉप-10 शेयरों में शामिल था जिनके मूल्य में मासिक आधार पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी में करीब सात फंड्स ने एसबीआई के शेयर खरीदे, जबकि 13 फंड्स ने अपने पोर्टफोलियो से इस शेयर को बेचा। SBI के अलावा, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, कोल इंडिया, बायोकॉन, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और बीएसई शामिल थे।

इसके उलट, जिन शेयरों के मूल्य में सबसे ज्यादा गिरावट आई, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सिप्ला और एशियन पेंट्स शामिल हैं।

First Published : February 17, 2026 | 5:19 PM IST