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भारत में तेजी से विकसित हो रहा है ड्रोन इकोसिस्टम, 38,500 से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड

भारत में ड्रोन तकनीक से कृषि, बुनियादी ढांचे, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- February 17, 2026 | 7:06 PM IST

India’s Drone Ecosystem: भारत में ड्रोन इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। भारत में ड्रोन तकनीक से कृषि, बुनियादी ढांचे, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। ड्रोन संबंधी सरकारी योजनाएं जैसे SVAMITVA और नमो ड्रोन दीदी ने न केवल सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया है, बल्कि यह प्रौद्योगिकी का विकास और सामाजिक सशक्तिकरण भी कर रहा है। भारत में ड्रोन इकोसिस्टम एक आत्मनिर्भर और भविष्य-तैयार सेक्टर का निर्माण कर रहा है।

भारत में कितने ड्रोन पंजीकृत?

भारत ने एक मजबूत ड्रोन इकोसिस्टम का निर्माण किया है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि भारत में 38,500 से अधिक पंजीकृत ड्रोन है। जिन्हें अद्वितीय पहचान संख्या (UIN) जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही 39,890 DGCA-प्रमाणित रिमोट पायलट और 244 अनुमोदित प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं।

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नमो ड्रोन दीदी योजना का प्रभाव

केंद्र सरकार ने महिला SHGs को सशक्त बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना और खेती में सटीक तकनीक का उपयोग करने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 1,094 ड्रोन महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किए गए हैं। इससे कृषि में सटीकता बढ़ी और महिलाओं के लिए आय और सामाजिक सशक्तिकरण का एक नया रास्ता खुला। उत्तर प्रदेश के सीतापुर की एक ड्रोन दीदी ने मन की बात कार्यक्रम में बताया था कि ड्रोन प्रशिक्षण के बाद उनकी SHG ने किसानों को छिड़काव सेवाएं प्रदान करना शुरू किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और वे सामाजिक रूप से सशक्त हुईं।

SVAMITVA योजना में लाखों गांव का ड्रोन से सर्वे

साल 2020 में शुरू की गई ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ गांवों का सर्वेक्षण और मानचित्रण (SVAMITVA) योजना का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण के लिए किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 3.44 लाख गांवों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2025 तक 3.28 लाख गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 95 फीसदी है। दिसंबर 2025 तक 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1.82 लाख गांवों के लिए 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। मार्च 2025 तक 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

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कई प्रमुख क्षेत्रों में हो रहा है ड्रोन का उपयोग

पहले सीमित परीक्षणों के रूप में शुरू हुई ड्रोन की तैनाती अब सार्वजनिक सेवा वितरण, बुनियादी ढांचा प्रबंधन, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज के समय में, भारत में ड्रोन का उपयोग भूमि और संपत्ति सर्वेक्षण, सटीक कृषि, बुनियादी ढांचा निरीक्षण, आपदा प्रबंधन, रेलवे और राजमार्ग निगरानी, और रक्षा जैसे क्षेत्रों में हो रहा है। यह बढ़ती हुई उपयोगिता भारत के ड्रोन इकोसिस्टम के विकास को दर्शाती है, जो निर्माताओं, सॉफ़्टवेयर और घटक विकासकों, सेवा प्रदाताओं, प्रशिक्षण संस्थानों, प्रमाणित पायलटों, स्टार्ट-अप्स, अनुसंधान संगठनों और डिजिटल प्लेटफार्मों के बीच एकजुट नियामक ढांचे के तहत काम कर रहा है।

First Published : February 17, 2026 | 7:06 PM IST