Top-5 Flexi Cap Fund: वैश्विक अनिश्चितता और शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच फ्लेक्सी कैप फंड्स का जलवा बरकरार है। जनवरी में भले ही, इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 14 फीसदी घटकर 24,028 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन फ्लेक्सी कैप फंड्स पर निवेशकों ने जमकर दांव लगाया। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी म्युचुअल फंड्स की 11 सब-कैटेगरी में फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया। जनवरी 2026 में इनमें 7,672 करोड़ रुपये का निवेश आया। हालांकि दिसंबर महीने की तुलना में इस कैटेगरी में निवेश कम आया। दिसंबर में फ्लेक्सीकैप फंड्स में 10,019 करोड़ रुपये का निवेश आया था। फ्लेक्सी कैप फंड्स के परफॉर्मेंस की बात करें तो, इस कैटेगरी के टॉप-5 फंड्स ने बीते 5 साल में 18-22% तक का सालाना रिटर्न दिया है।
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, फ्लेक्सी कैप फंड्स की टॉप 5 स्कीम्स में क्वांट फ्लेक्सी कैप फंड, एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड, बैंक ऑफ इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड, जेएम फ्लेक्सी कैप फंड और पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड शामिल हैं। इन फंड्स ने बीते 5 साल में 18-22% तक का सालाना रिटर्न दिया है। इस तरह से इन फंड्स ने बीते 5 साल में निवेशकों की वेल्थ को दो गुना से ज्यादा बढ़ा दिया है।
| Scheme | Return on 5 Year (%) | Fund Value in lakh |
|---|---|---|
| Quant Flexi Cap Fund | 21.53 | ₹2.65 |
| HDFC Flexi Cap Fund | 21.23 | ₹2.61 |
| Bank of India Flexi Cap Fund | 20.65 | ₹2.55 |
| JM Flexicap Fund | 18.21 | ₹2.30 |
| Parag Parikh Flexi Cap Fund | 18.03 | ₹2.29 |
(सोर्स- AMFI, स्कीम्स का रिटर्न 13 फरवरी 2026 की NAV के आधार पर।)
उदाहरण से समझते हैं- क्वांट फ्लेक्सी कैप फंड ने पिछले पांच साल में 21.54% का सालाना रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में पांच साल पहले ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो आज उसके निवेश की वैल्यू बढ़कर 2.65 लाख रुपये हो गई होती। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि म्युचुअल फंड में पिछला रिटर्न कभी भी भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर रिटर्न पर होता है।
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बाजार के उतार-चढ़ाव में सुरक्षित माने जाने वाले फ्लेक्सी कैप फंड्स पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। मिरे असेट में हेड–डिस्ट्रिब्यूशन एंड स्ट्रैटेजिक अलायंसेज सुरंजना बोरठाकुर ने कहती हैं, “फ्लेक्सीकैप फंड्स में सबसे ज्यादा, करीब 7,600 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक डायवर्सिफाइड इक्विटी रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।”
साल 2025 में इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स के बीच फ्लेक्सी-कैप फंड्स के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। AMFI के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक फ्लेक्सी-कैप फंड्स का AUM 26 फीसदी बढ़कर 5.52 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यानी 31 दिसंबर 2024 को यह 4.38 लाख करोड़ रुपये था।
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फ्लेक्सी कैप फंड्स एक तरह के इक्विटी म्युचुअल फंड हैं, जहां फंड मैनेजर को किसी एक मार्केट कैप (लार्ज, मिड या स्मॉल) तक सीमित नहीं रखा जाता। फंड मैनेजर के पास पूरी आजादी होती है कि वह बदलते बाजार के हिसाब से पोर्टफोलियो को एडजस्ट कर सकते है।
फ्लेक्सी-कैप फंड्स उन नए निवेशकों के लिए बेहतर हैं, जो एक ही फंड के जरिए पूरे बाजार में निवेश करना चाहते हैं। ये उन निवेशकों के लिए भी सही विकल्प हो सकते हैं, जिनके पास कई स्कीम्स को मैनेज करने और बार-बार रीबैलेंस करने का समय या अनुभव नहीं है।
(डिस्क्लेमर: यहां फंड्स के परफॉर्मेंस की डीटेल दी गई है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां निवेश की सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)