प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एलऐंडटी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एलऐंडटी पावर डेवलपमेंट अपने नाभा पावर लिमिटेड (एनपीएल) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी टॉरंट पावर को बेचने पर सहमत हो गई है। यह सौदा 3,660 करोड़ रुपये में हुआ है। कंपनी ने यह घोषणा की है। एनपीएल पंजाब में 1,400 मेगावॉट वाले नाभा बिजली संयंत्र की मालिक है और उसका संचालन करती है।
एलऐंडटी ने बयान में कहा कि इस विनिवेश का कारण अच्छे दाम मिलना है। साथ ही, यह सौदा एलऐंडटी के विकास परियोजना कारोबार से बाहर निकलने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है। एनपीएल ने पिछले वित्त वर्ष 25 के दौरान 4,421 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 3,553 करोड़ रुपये की नेटवर्थ दर्ज की थी।
एलऐंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा, ‘एनपीएल का यह विनिवेश अपने दमदार मूल कारोबारों को मजबूत करने के लिए मूल्य हासिल करने के एलऐंडटी के रणनीतिक उद्देश्य के अनुरूप है। यह कदम हमें अपने सभी हितधारकों – कारोबारी साझेदारों, शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की स्थिति में लाता है।’
कोयले पर आधारित नाभा बिजली संयंत्र में पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में 700 मेगावॉट क्षमता (प्रत्येक में) वाली दो सुपरक्रिटिकल इकाइयां हैं। साल 2014 में शुरू हुआ यह संयंत्र सरकार के केस-2 प्रतिस्पर्धी बोली के दिशानिर्देशों के तहत स्थापित किया गया था। यह 25 साल के बिजली खरीद करार के तहत काम करता है।
संयंत्र का साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसई सीएल) और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के साथ क्रमशः 27.75 लाख टन और 24.64 लाख टन का दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति करार (एफएसए) है। इसके साथ ही आपूर्ति की किसी भी कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक कोयला खरीद की व्यवस्था भी है।