आईबीएम इंडिया और दक्षिण एशिया क्षेत्र के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल | फाइल फोटो
आईबीएम इंडिया और दक्षिण एशिया क्षेत्र के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल का मानना है कि आज के दौर में संप्रभुता केवल डेटा की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई है। अब इसमें यह बात भी शामिल है कि इस तकनीक को कौन चला रहा है, इस पर किसका नियंत्रण है और एआई मॉडल कैसे काम कर रहे हैं और उनके नतीजे कहां तैयार होते हैं।
संदीप पटेल ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ये चिंताएं सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। यूरोप, मध्य-पूर्व और अन्य क्षेत्रों में भी लोग इसी तरह के सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अब कंपनियां अपने तकनीकी मंच पर ही संप्रभुता को शामिल करना चाहती हैं। संदीप पटेल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के सबसे बड़े इवेंट, एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत कर रहे हैं।
आईबीएम ने हाल ही में ‘आईबीएम सॉवरेन कोर’ नाम से एक नई सेवा की घोषणा की है। यह एक एआई के लिए तैयार सॉफ्टवेयर मंच है जिसे इस तरह बनाया गया है कि कंपनियां, सरकारें और सेवा प्रदाता अपने नियंत्रण में सुरक्षित एवं संप्रभु एआई वातावरण तैयार, लागू और प्रबंधित कर सकें। यह नई सेवा इस साल के मध्य तक दुनिया भर में उपलब्ध कराई जाएगी।
दुनियाभर की संस्थाएं अपने तकनीकी ढांचे पर अधिक नियंत्रण चाहती हैं। इसकी वजह व्यापक वैश्विक अनिश्चितता, बदलते नियम-कानून और एआई की तेजी से बढ़ती भूमिका है।
पटेल के अनुसार, एआई इस बदलाव की एक बड़ी वजह है इसी वजह से कंपनियां और सरकार तकनीक पर नियंत्रण चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ डेटा अपने आप में सीमित मूल्य रखता है। असली मूल्य एआई से मिलने वाली समझ और परिणामों में है। इसलिए यह जानना और नियंत्रित करना ज्यादा महत्त्वपूर्ण हो गया है कि डेटा की प्रोसेसिंग और इसके नतीजे कहां निकाले जा रहे हैं।’
यह मुद्दा खास तौर पर वित्त, स्वास्थ्य, दूरसंचार, रक्षा और सरकार जैसे नियंत्रित क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के लिए अहम है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी इसमें भूमिका निभा रही हैं। पटेल ने कहा, ‘कई ग्राहक यह सवाल कर रहे हैं कि यदि किसी भू-राजनीतिक कारण से सार्वजनिक क्लाउड सेवाएं प्रभावित होती हैं, तब उनके मुख्य संचालन पर उनका कितना नियंत्रण रहेगा। इसी संदर्भ में ‘सॉवरेन कोर’ जैसी पेशकश प्रासंगिक हो जाती है।’ संदीप पटेल ने कहा कि भले ही यह नई पेशकश हो, लेकिन यह सिद्धांत आईबीएम के लिए नया नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘अगर आप हमारी हाल की घोषणाओं पर नजर डालें, तो वे सभी एक खुली तकनीकी संरचना में योगदान देती हैं और जो ग्राहकों को अधिक विकल्प और बेहतर नियंत्रण भी देती है।’
आईबीएम द्वारा का हालिया अधिग्रहण भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पटेल ने बताया, ‘कॉनफ्लुएंट का अधिग्रहण हमारी डेटा स्ट्रीमिंग क्षमता को मजबूत करेगा।’