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NPS के साथ अब मिलेगा हेल्थ कवर भी! स्वास्थ्य खर्चों के लिए बनेगा अलग ‘मेडिकल पेंशन’ फंड

NPS की बचत का 30% तक हिस्सा इलाज के खर्च के लिए अलग रखा जा सकता है। ICICI, Axis और टाटा के पेंशन फंड हेल्थ से जुड़े नए प्लान पर काम कर रहे हैं

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सुनयना चड्ढा   
Last Updated- February 16, 2026 | 6:10 PM IST

रिटायरमेंट के लिए NPS में पैसा जमा कर रहे हैं तो जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है। अब पेंशन बचत के साथ हेल्थ कवर भी जुड़ सकता है। पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने शुक्रवार को बताया कि तीन पेंशन फंड मैनेजर इस दिशा में काम कर रहे हैं। ये प्लान पेंशन प्रोडक्ट को हेल्थ इंश्योरेंस या हेल्थकेयर सर्विस के साथ जोड़ेंगे।

PFRDA चेयरमैन एस रमन ने कहा कि लोगों को खुद की प्रोटेक्शन समझनी होगी। इसलिए वे मेडिकल खर्चों के लिए अलग से पैसे बचाएं। इसी मकसद से इस साल जनवरी में हेल्थ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया था। इसके तहत निवेशक अपने पेंशन प्लान में से 30 प्रतिशत तक रकम मेडिकल जरूरतों के लिए अलग रख सकते हैं। ये एक तरह का “मेडिकल पेंशन” फंड बनेगा, जो सिर्फ इलाज के काम आएगा।

हेल्थ से जुड़े प्लान में क्या फायदा होगा?

NPS में बहुत सारे निवेशक होते हैं, इसलिए पेंशन फंड बड़े पैमाने पर बात कर सकते हैं। इससे हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से सस्ते टॉप-अप प्लान मिल सकते हैं। हॉस्पिटल्स भी बड़े वॉल्यूम की वजह से इलाज में बेहतर डील दे सकते हैं। साथ ही, इलाज के बाद हॉस्पिटल को पेमेंट तुरंत मिलेगा। ये सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम से अलग है, जहां पेमेंट में महीनों लग जाते हैं।

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रमन ने बताया कि ICICI, Axis और टाटा ग्रुप के पेंशन फंड इस पर प्रयोग कर रहे हैं। ये कंपनियां इंश्योरेंस कंपनियों या हेल्थ प्रोवाइडर्स से टाई-अप करके ऐसे प्रोडक्ट ला रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ICICI जल्द ही फाइनल प्रोडक्ट लॉन्च कर देगा।

NPS को और मजबूत बनाने की कोशिशें

PFRDA NPS को और बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। अभी NPS में सिर्फ 1 करोड़ लोग जुड़े हैं, जो काफी कम है। इसे बढ़ाने के लिए PFRDA नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से बात कर रही है। NPCI की मदद से नए निवेशकों को आसानी से जोड़ा जा सकेगा।

इसके अलावा, PFRDA लंबे समय तक डबल-डिजिट रिटर्न कैसे बनाए रखे, इस पर भी स्टडी कर रही है। इसके लिए प्रोजेक्ट फाइनेंस और रियल एस्टेट जैसी एसेट क्लास में निवेश शुरू होगा। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड में पहला निवेश मार्च के अंत तक हो सकता है। NPS के नियम के मुताबिक, 5 प्रतिशत तक अल्टरनेटिव में निवेश हो सकता है। गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश 1 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा।

बैंकों को भी पेंशन फंड बिजनेस में आने की इजाजत मिल गई है। कम से कम चार बैंक या बैंक कंसोर्टियम ने इसमें रुचि दिखाई है। इनमें Axis Bank शामिल है। एक कंसोर्टियम में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और स्टार दाई-इची भी हैं। इससे NPS में और कॉम्पिटिशन बढ़ेगा और ज्यादा लोग जुड़ सकेंगे।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : February 16, 2026 | 6:06 PM IST