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इस हफ्ते टैरिफ घटाकर 18% कर सकता है अमेरिका, वॉशिंगटन दौरे में कानूनी समझौते पर चर्चा

भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को एक अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी किया था जिसमें समझौते की रूपरेखा तय की गई थी

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श्रेया नंदी   
Last Updated- February 16, 2026 | 11:29 PM IST

अमेरिका इस सप्ताह भारत के कई निर्यात उत्पादों पर लगाए गए मौजूदा 25 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) को घटाकर 18 फीसदी कर सकता है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की देरी होती है तब इस मुद्दे को भारतीय प्रतिनिधिमंडल अपने वॉशिंगटन दौरे के दौरान अगले हफ्ते उठाएगा।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘25 फीसदी दंडात्मक शुल्क पहले ही हटा दिया गया है और अन्य 25 फीसदी शुल्क को घटाकर 18 फीसदी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि यह काम इसी सप्ताह में पूरा हो जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो वॉशिंगटन जाने वाली भारतीय टीम अगले सप्ताह इस पर चर्चा करेगी कि इसमें वक्त क्यों लग रहा है।’

मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम इस सप्ताह के अंत में वॉशिंगटन रवाना होगी, जहां कानूनी समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों देश फिलहाल वर्चुअल माध्यम से समझौते के कानूनी मसौदे पर काम कर रहे हैं, जबकि आमने-सामने की वार्ता अगले सप्ताह तक जारी रहने की संभावना है।

भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को एक अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी किया था जिसमें समझौते की रूपरेखा तय की गई थी। पहले कदम के रूप में, अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता को मान्यता देते हुए 25 फीसदी दंडात्मक शुल्क हटा दिया था।

अब दोनों देशों की वार्ताकार टीमें इस रूपरेखा को कानूनी समझौते में बदलने पर काम कर रही हैं, जिस पर मार्च महीने तक हस्ताक्षर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, वाणिज्य सचिव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने में कई जटिलताएं होती हैं, इसलिए इसके लिए कोई सख्त समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में अमेरिका से जिस प्रकार की कपास आयात करता है, उसी को प्रस्तावित व्यापार समझौते के तहत तरजीही बाजार पहुंच मिलेगी। भारत मुख्य रूप से अमेरिका से बेहद लंबे रेशे वाला कपास आयात करता है। इसके अलावा सामान्य कपास का भी आयात होता है। हालांकि, अमेरिका की प्रमुख निर्यातित कपास सामान्य किस्म ही है क्योंकि यही उसका मुख्य उत्पादन भी है।

यह बयान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के पिछले सप्ताह दिए गए बयान के बाद आया है। गोयल ने कहा था कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत को सूत और कपास से बने परिधानों पर रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था वैसी ही होगी जैसी बांग्लादेश को अमेरिका के साथ अपने समझौते में मिली है।

डिजिटल व्यापार समझौता नहीं

वाणिज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि अंतरिम व्यापार समझौते में ‘डिजिटल व्यापार’ से जुड़ा अध्याय शामिल नहीं है। भारत और अमेरिका डिजिटल व्यापार नियमों पर अलग से बातचीत करेंगे, लेकिन यह व्यापक व्यापार समझौते का हिस्सा होगा जिसे द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) भी कहा जाता है। इस व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने में अभी समय लगेगा।

पिछले सप्ताह जारी व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट के अनुसार, भारत ई-कॉमर्स से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन पर सीमा शुल्क न लगाने से संबंधित डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करेगा और डिजिटल सेवा कर को खत्म करेगा।

हालांकि, एक दिन बाद फैक्ट शीट में संशोधन किया गया और संयुक्त बयान के अनुरूप इसका संशोधित संस्करण जारी किया गया। नए संस्करण में कहा गया कि ‘भारत प्राथमिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेगा। अमेरिका और भारत ऐसे ‘मूल स्रोत के नियम’ पर बातचीत करेंगे ताकि सहमति वाले लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही हासिल हों।’

First Published : February 16, 2026 | 11:05 PM IST