प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
इंडिया रीट्स एसोसिएशन के अनुसार भारत में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध पांच रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्टों (रीट्स) ने संयुक्त रूप से वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान 3,80,000 से अधिक यूनिटधारकों को 2,450 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रमुख बाजारों में उच्च-गुणवत्ता वाली कार्यालय और खुदरा संपत्तियों की स्थिर मांग से समर्थन मिला।
ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक और सीईओ तथा आईआरए के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा, ‘मजबूत लीजिंग गतिविधियां, बेहतर ऑक्यूपेंसी और किराये में वृद्धि भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट तंत्र की ताकत दर्शाती हैं।’
रीट्स ऐसे निवेश विकल्प हैं जो निवेशकों को सीधे संपत्ति खरीदे बिना सृजित आय का एक हिस्सा अर्जित करने में सक्षम बनाते हैं। भारत के सूचीबद्ध रीट्स में ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रीट, नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रीट और नेक्सस सलेक्ट ट्रस्ट शामिल हैं।
ये पांचों ट्रस्ट संयुक्त रूप से भारत में ग्रेड ए ऑफिस और रिटेल स्पेस के 18.5 करोड़ वर्ग फुट से अधिक के पोर्टफोलियो का प्रबंधन करते हैं। आईआरए ने एक बयान में कहा, ‘अपनी स्थापना के बाद से उन्होंने यूनिटधारकों को संचयी रूप से 29,100 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है, जो भारत के पूंजी बाजार में उनके बढ़ते महत्त्व को बताता है।’
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक भारतीय रीट बाजार की सकल एयूएम 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक थीं। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को रीट्स को सीधे ऋण देने की अनुमति का प्रस्ताव रखा, जिससे ट्रस्टों के लिए कम दरों पर धन जुटाकर खुदरा बिक्री में तेजी लाने और कार्यालय संपत्तियों का विस्तार करना आसान हो जाएगा।