दक्षिण दिल्ली का लग्ज़री रियल एस्टेट मार्केट तेजी से चमक रहा है। यहां इंडिपेंडेंट लग्जरी फ्लोर की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिससे इस मार्केट में इन फ्लोर की कीमतों में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली की कॉलोनियों को A से H तक कुल आठ श्रेणियों में विभाजित किया है। सर्किल रेट, प्रॉपर्टी टैक्स और स्टांप ड्यूटी इन्हीं श्रेणियों के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। कैटेगरी-A और B कॉलोनियां दक्षिण दिल्ली की सबसे विशिष्ट और प्रतिष्ठित लोकेशनों में गिनी जाती हैं। साउथ दिल्ली की कॉलोनियों में रीडेवलपमेंट की कुल संभावनाएं 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई हैं।
वर्ष 2025 के दौरान दक्षिणी दिल्ली में इंडिपेंडेंट लग्जरी फ्लोर की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इंडिपेंडेंट लग्ज़री फ्लोर्स की कीमतों में सालाना आधार (YoY) पर 34% तक की वृद्धि देखी गई है। एनसीआर के अन्य शहरों में कीमतों की रफ्तार अपेक्षाकृत सुस्त पड़ने के बावजूद, संपन्न वर्ग का रुझान लगातार दक्षिण दिल्ली की ओर बना हुआ है। वहीं स्थानीय निवासी भी अब अन्य इलाकों में स्थानांतरण के बजाय आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सुरक्षा फीचर्स के साथ रीडेवलपमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण दिल्ली की कैटेगरी-A कॉलोनियों में स्वतंत्र फ्लोर्स की कीमतों में 25% से 34% तक की वृद्धि दर्ज की गई। प्रमुख कॉलोनियों में चाणक्यपुरी, गोल्फ लिंक्स, जोर बाग, शांति निकेतन, वसंत विहार, आनंद निकेतन और पंचशील पार्क शामिल हैं। ए कैटेगरी में 2500 वर्गफुट का फ्लोर 2024 में 10 से 19 करोड़ में मिल रहा था, 2025 में इसकी कीमत बढ़कर 14 से 25 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में 6000 वर्ग फुट के फ्लोर की कीमत 19-45 करोड़ से बढ़कर 25-55 करोड़ हो गई।
कैटेगरी-B कॉलोनियों में भी 22% से 26% तक की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रमुख कॉलोनियों में गुलमोहर पार्क, आनंद लोक, डिफेंस कॉलोनी, नीति बाग, चिराग एन्क्लेव और ग्रेटर कैलाश शामिल हैं। बी कैटेगरी में 2500 वर्गफुट का फ्लोर 2024 में 7 से 10 करोड़ में मिल रहा था, 2025 में इसकी कीमत बढ़कर 9 से 12.5 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में 3200 वर्ग फुट के फ्लोर की कीमत 11-16 करोड़ से बढ़कर 14-19 करोड़ हो गई।
गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF) के सीईओ अंकुर जालान ने कहा, ‘साउथ दिल्ली में लगातार कम आपूर्ति और उच्च मांग के कारण इंडिपेंडेंट फ्लोर्स की कीमतों में मज़बूत वृद्धि बनी हुई है। स्थानीय भूस्वामी रीडेवलपमेंट के जरिये अधिक पूंजी मूल्य, बेहतर रेंटल यील्ड और बदलती पारिवारिक ज़रूरतों को पूरा कर पा रहे हैं। स्वीकृत एफएसआई (FSI) के बेहतर उपयोग से बड़े, आधुनिक सुविधाओं से युक्त और बेहतर डिज़ाइन वाले घर संभव हो पाए हैं, जिससे खरीदारों का आकर्षण और बढ़ा है।’ कैटेगरी A और B कॉलोनियां साउथ दिल्ली की सबसे विशिष्ट और प्रतिष्ठित लोकेशनों में आती हैं।
| Average Price of Floors in South Delhi | ||||||
| Colony Category | Floor Size (sq. ft.) | 2024 (Price Range) | 2024 Average | 2025 (Price Range) | 2025 Average | YoY Average Change |
| Category A | 2500 | 10 to 19 | 14.5 | 14-25 | 19.5 | 34% |
| 6000 | 19 to 45 | 32 | 25-55 | 40 | 25% | |
| Category B | 2500 | 7 to 10 | 8.5 | 9-12.5 | 10.75 | 26% |
| 3200 | 11 to 16 | 13.5 | 14-19 | 16.5 | 22% | |
| सोर्स: गोल्डन ग्रोथ फंड (प्राइस रेंज फ्लोर और कॉलोनी वाइस प्राइसिंग को दर्शाती है) | ||||||
अंकुर जालान कहते हैं कि दिल्ली के अन्य हिस्सों से साउथ दिल्ली की ओर संपन्न परिवारों का निरंतर स्थानांतरण जिसकी वजह यहां की मजबूत सामाजिक अवसंरचना, प्रतिष्ठित पहचान और बेहतर जीवनशैली है, ने मांग को काफी बढ़ाया है। जमीन की सीमित उपलब्धता, कम भीड़भाड़ वाले वातावरण के प्रति झुकाव, सुरक्षा और ‘फ्लोर-वाइज ओनरशिप’ के बढ़ते आकर्षण ने मिलकर कीमतों में इस बढ़त की रफ्तार को बनाए रखा है।