रियल एस्टेट

रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी नौकरियों की बौछार, 2030 तक 10 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार

नारेडको और KPMG की रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक रियल एस्टेट सेक्टर 10 करोड़ लोगों को रोजगार दे सकता है और बाजार 88 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकता है

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- February 16, 2026 | 8:27 PM IST

बीते कुछ वर्षों से देश के रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूती देखने को मिल रही है। रियल एस्टेट के बढ़ने के साथ ही इस सेक्टर में रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उद्योग को अगले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के नये अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट 2030 कितने लोगों को देगा नौकरी?

रियल एस्टेट उद्योग संगठन नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको)  और केपीएमजी द्वारा जारी संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट सेक्टर में निर्माण, बिक्री, डिज़ाइन तथा संबंधित उद्योगों सहित रोजगार की संख्या बढ़कर 2030 तक 10 करोड़ के करीब पहुंच सकती है, अभी यह उद्योग करीब 7 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है।

इस रिपोर्ट को आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नारेडको कॉन्क्लेव 2026 में विमोचन किया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक नया प्रोजेक्ट सीमेंट, स्टील, ईंट, पेंट, कांच, फिटिंग, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न सेवाओं की मांग बढ़ाता है, जिससे अर्थव्यवस्था में आय के अवसरों का विस्तार होता है।

2030 तक कितना बड़ा होगा रियल एस्टेट का बाजार?

नारेडको और केपीएमजी की इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं के अनुसार, भारत का रियल एस्टेट बाजार वर्तमान में लगभग 26.4 ट्रिलियन रुपये का है और 2030 तक इसके लगभग 88 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 2047 तक इस क्षेत्र का आकार 440.5 से 616.7 ट्रिलियन रुपये के बीच हो सकता है। सकल घरेलू उत्पाद में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 2025 के लगभग 7 से 8 प्रतिशत से बढ़कर 2047 तक 12 से 15 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।

केपीएमजी इंडिया में पार्टनर और हेड (इंडिया ग्लोबल)  नीरज बंसल ने कहा कि 2047 तक शहरीकरण में लगभग 50 प्रतिशत बढ़ोतरी होकर शहरी आबादी 90 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। यह सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी और बेहतर एवं स्मार्ट अवसंरचना के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होगा।

First Published : February 16, 2026 | 8:27 PM IST